
रतन गुप्ता उप संपादक
महराजगंज जनपद में यूरिया की किल्लत को देखते हुए नियम कानून सख्त कर दिया गया है। इससे किसानों को फायदा हो रहा है, लेकिन निजी दुकानों को ढील देने का फायदा कालाबाजारी में लिप्त और तस्कर उठा रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर तस्करों के सिंडिकेट को तोड़ने के लिए कड़ा सुरक्षा घेरा बना है। सूचना तंत्र को मजबूत कर ताबड़तोड़ खाद बरामद की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक की ओर से नेपाल राष्ट्र के सीमावर्ती थानों को तस्करी की रोकथाम का सख्त निर्देश दिया गया है। रविवार को नौतनवा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली की कुछ लोग खाद की तस्करी कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने गैस एजेंसी के पास बैरियहवा से नेपाल जाने वाले रास्ते पर जांच शुरू कर दी। इस दौरान पांच बोरी भारतीय यूरिया के साथ दो आरोपियों को पकड़कर कस्टम को सौंप दिया। थानाध्यक्ष पुरुषोत्तम राव ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान राहुल पासवान एवं शमजद निवासी शेष फरेंदा थाना सोनौली के रूप में हुई। उधर सीमावर्ती क्षेत्र में कड़ी निगरानी बढ़ने से तस्करों में खलबली मची है। उर्वरक देने के लिए कड़े नियम बना दिए गए हैं। इससे किसानों को इसका फायदा मिल रहा है। हालांकि निजी दुकानों की मिलीभगत से तस्कर खाद सीमा पर भेज रहे हैं।
विशेष टीम का किया गया गठन : खाद की तस्करी रोकने के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है, जिसमें जिले की चारों तहसीलों सदर, फरेंदा, निचलौल और नौतनवा के उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, खंड विकास अधिकारी और थानाध्यक्ष शामिल हैं। विशेष अभियान 31 जुलाई तक चलाया जाएगा। संबंधित अधिकारी प्रतिदिन अपने क्षेत्रों में कृषि दुकानों का निरीक्षण करेंगे।
स्टॉक, बिक्री दर और वितरण की स्थिति की जांच करेंगे। नेपाल सीमा से सटे नौतनवा और निचलौल तहसील क्षेत्रों में विशेष सख्ती बरती जा रही है, लेकिन कई जगह पंगडंडियों के रास्ते खाद नेपाल पहुंचाई जा रही है।
किसी भी समिति पर यूरिया की उपलब्धता शून्य नहीं : सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि आईएफएमएस पोर्टल के अनुसार जनपद के किसी भी समिति पर यूरिया की उपलब्धता शून्य नहीं है। जनपद स्तर से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। जहां भी यूरिया खत्म हो वहां यूरिया उसी दिन उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जनपद में कृभको की 1300 एमटी की रैक जनपद को मिली है। आवंटन 33 समितियों को जिला स्तरीय उर्वरक समीक्षा समिति से कराया गया है। यारा कंपनी की रैक से 530 एमटी सहकारिता एवं निजी क्षेत्र में 600 एमटी की रैक यारा कंपनी की मिली है।
निजी क्षेत्र में 4597 एमटी यूरिया व सहकारिता क्षेत्र में पीसीएफ सामान्य बफर गोदाम में
