रतन गुप्ता वरिष्ठ संपादक
भगवान श्री चित्रगुप्त जी यमलोक के न्यायाधीश हैं, जो मृत्यु के बाद आत्मा के पाप और पुण्य का लेखा प्रस्तुत करते हैं,इसी के आधार पर यमराज यह निर्णय लेते हैं कि आत्मा स्वर्ग में जाए या नरक में।
उन्हें सृष्टि का सर्वश्रेष्ठ लेखक और सत्यनिष्ठ न्यायाधीश कहा गया है। वे कर्मों के आधार पर ही जीवन के अगले जन्म का निर्धारण करते हैं, इसलिए उन्हें “न्यायदेव” और “धर्म के संरक्षक” कहा गया है। श्री चित्रगुप्त की लेखनी (कलम दवात) पूजा की पौराणिक कथा,
जब भगवान श्री राम का राज्याभिषेक हो रहा था, तो राजगुरु वशिष्ठ ने सभी देवी-देवताओं, ऋषियों और अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों को आमंत्रित किया, लेकिन अनजाने में भगवान चित्रगुप्त को आमंत्रण देना भूल गए।
जब भगवान चित्रगुप्त को इसका पता चला, तो उन्हें बहुत बुरा लगा। अपनी नाराजगी व्यक्त करने के लिए, उन्होंने लेखा-जोखा लिखने का काम बंद कर दिया।
उनके लेखनी बंद करने से पूरे संसार का लेखा-जोखा रुक गया, जिससे देवताओं और ऋषियों में खलबली मच गई।

समस्या को समझते हुए, भगवान राम और राजगुरु वशिष्ठ सहित सभी देवता चित्रगुप्त के पास गए और उनसे अपनी भूल के लिए क्षमा मांगी।
भगवान चित्रगुप्त ने उनकी क्षमा स्वीकार कर ली, लेकिन उन्होंने कहा कि वह कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को ही फिर से अपना काम शुरू करेंगे।
उस दिन भगवान चित्रगुप्त की विशेष पूजा की गई, जिसके बाद उन्होंने फिर से जीवों के कर्मों का लेखा-जोखा लिखना शुरू किया।

तभी से, यह तिथि यम द्वितीया के रूप में मनाई जाने लगी और इस दिन कायस्थ समाज के लोग भगवान चित्रगुप्त की कलम-दवात की पूजा करते हैं।
उक्त पौराणिक मान्यता अनुसार आज़ नौतनवा नगर स्थित श्री चित्रगुप्त मंदिर में कायस्थ समाज के लोगों ने अपने आराध्य कुलदेव श्री चित्रगुप्त जी की एवं कलम दवात की विधि विधान से सामूहिक पूजा व सहभोज भंडारा भी किए, जिसमें कार्यवाहक मुख्य संरक्षक बृजेंद्र श्रीवास्तव, अध्यक्ष कार्यवाहक आनंद श्रीवास्तव, अनिमेष श्रीवास्तव प्रफुल्ल श्रीवास्तव अनिल श्रीवास्तव, सुनील श्रीवास्तव, तरुण श्रीवास्तव, भगवंत लाल, दिवाकर लाल, प्रदीप श्रीवास्तव,अजीत श्रीवास्तव अखिलेश श्रीवास्तव, बब्बू श्रीवास्तव, संतोष श्रीवास्तव जितेश श्रीवास्तव, अजय श्रीवास्तव अरविंद श्रीवास्तव बंटी श्रीवास्तव अरुण श्रीवास्तव,धीरज वर्मा, प्रमोद श्रीवास्तव, शनि श्रीवास्तव,सचिनस्वरूप श्रीवास्तव, राजन श्रीवास्तव, अमित श्रीवास्तव, प्रकाश श्रीवास्तव, प्रमेन्द्र श्रीवास्तव,रूपेश, आंचल, आदि शामिल रहे।
