नेपाल में बाढ़ का ख़तरा: 5 जलमापन केंद्रों ने ‘खतरे का स्तर’ किया पार, 4 पर ‘सतर्कता’

काठमांडू। जल तथा मौसम विज्ञान विभाग (डीएमएच) ने जानकारी दी है कि देश के अधिकांश हिस्सों में हुई भारी से अतिभारी वर्षा के कारण पांच जलमापन केंद्रों पर जलस्तर ने ‘खतरे का स्तर’ पार कर लिया है। इसके अतिरिक्त, पूर्वी नेपाल के अन्य चार केंद्रों पर भी जलस्तर ने ‘सतर्कता स्तर’ को पार कर लिया है, जिससे तटीय क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी किया गया है।
खतरे के स्तर से ऊपर बह रहीं प्रमुख नदियाँ
विभाग के आंकड़ों के अनुसार, तक निम्नलिखित पांच नदियों का जलस्तर ‘खतरे के स्तर’ को पार कर चुका है:
नदी/स्थान जिला खतरे का स्तर (मीटर) मापा गया जलस्तर (मीटर)
तामोर नदी (त्रिवेणी) धनकुटा १०.० ११.४७
अरुण नदी धनकुटा ११.० ११.२३
कन्काई नदी (मैनाचुली) इलाम ४.३ ५.६१
सप्तकोसी (चतरा) सुनसरी ७.० ७.१३
सुनसरी खोला सुनसरी ८१.८ ८१.८८
सप्तकोशी नदी (चतरा) पर जलस्तर का खतरे के निशान से ऊपर जाना विशेष चिंता का विषय है, जैसा कि वायरल हो रही तस्वीरों में नदी में आई बाढ़ की भयावहता दिख रही है।
सतर्कता स्तर पार करने वाले केंद्र
इसके अलावा, सिन्धुली के खुर्कोट स्थित सुनकोसी, धनकुटा के मुलघाट स्थित तमोर नदी, इलाम के पुवाखोला और चिसापानी स्थित माइखोला जलमापन केंद्रों पर भी जलस्तर ने ‘सतर्कता स्तर’ को पार कर लिया है।
अधिकारियों का संदेश और अपील
विभाग के जलविद् विनोद पराजुली ने बताया कि पूर्वी क्षेत्रों की नदियों में बाढ़ का खतरा अभी भी बना हुआ है, जबकि देश की अन्य नदियों में जलस्तर सामान्य है। संभावित जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए, मोबाइल एसएमएस के माध्यम से जनता को जागरूक और सचेत किया जा रहा है।
प्रशासन ने पूर्वी नेपाल के निवासियों से आग्रह किया है कि वे सतर्क रहें, नदियों के तटीय क्षेत्रों से दूर रहें, और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।

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