नेपाल में पहले Gen Z का आन्दोलन के बाद प्राकृतिक आपदा भूस्खलन-बाढ से तबाही फंसे भारतीय पर्यटक सुरक्षी स्थान पर रहे

रतन गुप्ता

नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रो में लगातार भूस्खलन हो रहे हैं अधिकतर रास्ते बन्द हो गया जो जहां है फंसे पड़े हैं नेपाल के हालत इस साल ठीक नहीं हैं, Gen Z युवाओं के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन ने सरकार गिरा दी, जिसमें खूब सारी मौतें और नुकसान हुए. अब अक्टूबर में भारी बारिश से भूस्खलन-बाढ़ का ऐसा कहर हुआ है कि 55लोग मौत की नींद सो गए. नेपाल जो पहले ही अस्थिर है अब प्राकृतिक आपदा ने और भी संकट खड़ा कर दिया है.

नेपाल में मॉनसून ने नेपाल में कहर बरपा दिया है. अधिकारी ने बताया कि रात भर हुई मूसलाधार बारिश के कारण हुए भूस्खलन और बाढ़ के कारण रविवार सुबह तक पूर्वी नेपाल के विभिन्न स्थानों पर कम से कम 55 लोगों की मौत हो गई है. शनिवार सुबह 10 बजे से रविवार सुबह 10 बजे तक हुई 37 लोगों की मौत हुई है. सबसे बुरी तरह प्रभावित कोशी प्रांत में हुई है. जहां बाढ़, भूस्खलन, बिजली गिरने और सड़क दुर्घटनाओं के कारण मरने वालों की संख्या में इज़ाफ़ा हुआ है. जबकि नेपाल के सात प्रांतों में से पांच, कोशी, मधेशी, बागमती, गंडकी और लुम्बिनी में मानसून सक्रिय था.

आठ नदियां खतरे के निशान से ऊपर
लगातार हो रही बारिश के कारण पूर्वी नेपाल में आठ प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. बागमती और पूर्वी राप्ती नदियों के आसपास के इलाकों के लिए रेड अलर्ट भी जारी किया गया है.

पूर्वी नेपाल की आठ बड़ी नदियों को खतरे के पार धकेल दिया है. हाइड्रोलॉजी एंड मेट्रोलॉजी , “बागमती और ईस्ट राप्ती नदियों के आसपास रेड अलर्ट जारी है.” काठमांडू में बागमती का पानी सड़कों पर बह रहा, घर डूब गए. एवरेस्ट ट्रेकिंग रूट्स ब्लॉक, पर्यटकों को अल्टरनेटिव पाथ अपनाने की सलाह दी गई है।

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