
रतन गुप्ता वरिष्ठ संपादक
आतंकियों को पिस्तौल गिफ्ट करके हुई दोस्ती!
पाकिस्तान की आईएसआई इस्लामिक स्टेट खोरासान प्रांत (आईएसकेपी) और लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) को एकजुट कर रही है. बालोच विद्रोहियों और अफगान तालिबान को निशाना बनाने के अलावा इनका प्लान, नेपाल बना केन्द्र, कश्मीर में आतंकी हमले बढ़ाने की है. जानें पूरी खबर.
भारत को बर्बाद करने के लिए ISI ने इस्लामिक स्टेट और लश्कर-ए-तैयबा के बीच कराया गठबंधन? आतंकियों को पिस्तौल गिफ्ट करके हुई दोस्ती!
भारत के लिए बुरी खबर है. पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने दो खतरनाक आतंकी संगठनों इस्लामिक स्टेट खोरासान प्रांत (ISKP) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) को एकजुट कर दिया है. यह हम नहीं कह रहे हैं. खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (ISKP) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) जैसे आतंकवादी समूहों के साथ मिलकर काम करने से भारत के लिए एक नई चिंता उभर रही है.
आतंकी का नया गठबंधान किसके लिए खतरा?
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI बलूच अलगाववादियों और अफगानिस्तान में असहयोगी तालिबान गुटों को निशाना बनाने के लिए ISKP का इस्तेमाल कर रही है, जिसका उद्देश्य जम्मू-कश्मीर और भारत को अस्थिर करना है. यह घटनाक्रम उस साल हुआ है जब पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों ने पहलगाम में आतंकी हमला किया था.
दोस्ती का सबूत बना फोटो
इस खतरनाक दोस्ती की पुष्टि एक फोटो से हुई है. जिसमें ISKP के बलूचिस्तान समन्वयक मीर शफीक मेंगल, लश्कर कमांडर राणा मोहम्मद अशफाक को एक पिस्तौल भेंट करते हुए दिखाई दे रहे है, जिससे उनके बीच आपसी गठबंधन की पुष्टि होती है. मीर शफीक मेंगल, मस्तुंग और खुजदार शिविरों में आईएसकेपी के संचालन में मदद कर रहा है, सुरक्षित ठिकानों, धन और हथियारों का प्रबंधन कर रहा है, जबकि अशफाक नए आतंकी ठिकानों की देखरेख और अन्य चरमपंथी समूहों के साथ समन्वय का काम कर रहा है.
कश्मीर पर नजर, प्रोपेगैंडा मैगजीन से अलर्ट
नए घटनाक्रम भारत के लिए चिंता का विषय हैं क्योंकि एक खुफिया रिपोर्ट बताती है कि आईएसकेपी की प्रचार पत्रिका “यलगार” भारत के कश्मीर में हमलों का विस्तार करने की योजना का संकेत देती है. रिपोर्ट में कहा गया है कि “उग्रवादी संगठनों का यह उभरता गठबंधन न केवल अफ़ग़ानिस्तान के लिए ख़तरा बढ़ाता है… बल्कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को फिर से भड़काने की पाकिस्तानी सेना की मंशा का भी संकेत देता है” और इस तरह संभावित इनकार की आड़ में क्षेत्रीय शांति को अस्थिर कर रहा है.
