Breaking News

सोनौली नौतनवा में गैस सिलेंडरों की किल्लत से शादी का रंग भी फीका, घट गया मेन्यु कैटरिन को देने पड़ रहे हैं एक का 3 हजार सिलेंडर

 

*रतन गुप्ता नौतनवा*

नौतनवा सोनौली में शादी ब्याह के सीजन में गैस की किल्लत से लोग परेशान हैं। प्रशासन द्वारा शादी कार्ड दिखाकर सीमित गैस सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हो रही है, खाद्य सामग्री की कीमतों में वृद्धि और कैटरिंग मेन्यू में कमी से मिडिल क्लास परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। कैटरिंग के लोग एक सिलेडर का 3हजार रुपया मांग रहे ।नहीं देने पर आईटम कम बनाये गये ।

*गैस सिलेंडरों की किल्लत से शादी का रंग भी फीका, घट गया मेन्यु तीन हजार एक सिलेण्डर की मांग*

नौतनवा सोनौली शादी ब्याह का सीजन पूरे उफान पर है ऐसे मे लोग गैस की किल्लत का सामना कर रहे है। गैस का जुगाड करने में पसीना पसीना हो रहे है। आम आदमी से लेकर खास आदमी को भी गैस सिलेंडर का जुगाड़ करने मे पसीना छूट रहा है। प्रशासन द्वारा शादी कार्ड दिखाकर गैस की आपूर्ति की व्यवस्था का दावा किया जा रहा है ।लेकिन मिल नहीं रहा है । ऐसे में शादी का रंग फीका कर दिया है।

लोगों को अपना खाने का मेन्यू कम करना पड़ रहा है। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और गैस सिलेंडर की किल्लत का असर अब शादी सीजन में शादियों पर साफ दिखने लगा है। ईंधन की कमी और बढ़ती लागत के कारण कैटरिंग का मेन्यू काफी छोटा हो गया है। वहीं खाद्य सामग्री से लेकर अन्य चीजो की कीमतो मे लगातार वृद्वि से दामों में 15 से 20 प्रतिशत का इजाफा देखने को मिल रहा है। कैटरिंग से जुडे मोहन सिंह बताते है। कि, प्रति प्लेट की कीमतों में 50 से 100 रुपये तक का इजाफा हुआ है। साधारण थाली 650 से बढ़कर 700 रुपये तक पहुंच गई है। इस आर्थिक बोझ का सबसे अधिक असर मिडिल क्लास परिवारों पर पड़ रहा है, जो अब खर्च कम करने के लिए समारोहों को छोटा कर रहे हैं और खाने के मेन्यू में पकवानों की संख्या घटा रहे हैं। लोग शादी के दौरान होने वाले कार्यक्रमों को कम कर रहे हैं।स्टॉल की संख्या में भी हो रही कटौतीइसके अलावा गैस सिलेंडर की कमी के कारण शादियों में खाने-पीने के स्टॉल में कटौती हो रही है। शादी-विवाह के कार्यक्रमों में नाश्ता के लिए लगने वाले लाइव काउंटर को भी बंद करने की नौबत आ गई है। पहले इन काउंटरों पर जलेबी, इमरती, डोसा, हलवा, चाट, चाउमिन, छोला भटूरा, पाव-भाजी परोसे जाते थे। इन काउंटरों पर लगने वाले व्यंजनों को या तो कम कर रहे हैं या इन्हें हटा रहे हैं। नहीं मिल रहा वाणिज्यक सिलेण्डर परन्तु हाल ही अपने घरो मे शादी समारोह करने वाले मोहन जयसवाल, अशोक कुमार दीपक आदि ने बताया कि इतनी व्यवस्था शादी समारोह मे नाकाफी है। उन्हे गैस की व्यवस्था करने मे ऐडी चोटी का जोर लगाना पडा है तमाम मिलने वालो के घरेलू सिलेण्डर मांग तांग कर काम चलाना पड़ा है।

Leave a Reply