*रतन गुप्ता उप संपादक*
लुम्बिनी विकास कोष के उपाध्यक्ष पद पर बौद्ध भिक्षुणी आनी छोइङ डोल्मा (छोइङ डोल्मा लामा मोक्तान) को नियुक्त करने के सरकार के फैसले पर ‘राष्ट्रीय जेनजी नागरिक अभियान’ ने गंभीर आपत्ति जताई है। अभियान ने इस निर्णय के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
अभियान की केंद्रीय समिति ने रविवार को एक सूचना जारी कर संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मंत्रालय के प्रस्ताव पर गत 30 असोज को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए नियुक्ति संबंधी निर्णय पर असंतोष व्यक्त किया।
अभियान का दावा है कि आनी छोइङ डोल्मा के विरुद्ध नागरिकता जालसाजी और धनशोधन से संबंधित मामले विचाराधीन हैं।
अभियान ने मांग की है कि नागरिकता और धनशोधन से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाए तथा उनकी नियुक्ति के कानूनी आधार और औचित्य को सार्वजनिक किया जाए।
इसी सिलसिले में अभियान ने सोमवार, को सुबह 11 बजे काठमांडू के माइतीघर मंडला में शांतिपूर्ण विरोध सभा आयोजित करने का निर्णय लिया है।
अभियान ने इस विरोध कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जेनजी समुदाय, बौद्ध धर्मावलंबियों, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों, संबंधित पक्षों और पत्रकारों से आग्रह किया है
