*रतन गुप्ता उप संपादक*
नेपाल के डोल्पा के मशहूर टूरिस्ट डेस्टिनेशन शे-फोकसुंडो रूरल म्युनिसिपैलिटी घूमने गए छह भारतीय टूरिस्ट भारी बर्फबारी के बाद लापता होने से संपर्क में नहीं आ पाए हैं। दो महिलाओं और चार पुरुषों समेत छह भारतीय टूरिस्ट ऊंचे हिमालयी इलाके के एक दर्रे पर संपर्क में नहीं आ पाए।
स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया है कि शे-फोकसुंडो रूरल म्युनिसिपैलिटी-8 के नुमला पास और बागला पास इलाकों में उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। वे नेपाल घूमने के दौरान रिग्मो में फोकसुंडो झील जाते समय संपर्क में नहीं आ पाए थे।
स्थानीय लोगों की जानकारी के बाद उनकी हालत के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, नेपालपुलिस ने बताया है कि लगातार बर्फबारी और खराब मौसम की वजह से सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन मुश्किल हो गया है। अभी यह साफ नहीं है कि वे सुरक्षित जगह पर हैं या बर्फबारी की वजह से रास्ते में फंस गए हैं।
*हेलिकाप्टर से बर्फबारी से सर्च और रेस्क्यू करना चुनौती बना*
शनिवार से डोल्पा के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हो रही है। डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ऑफिस के मुताबिक, शे-फोकसुंडो, डोल्पोबुद्धा और चरकाटांगसोंग ग्रामीण नगर पालिकाओं के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हुई है, जबकि लोअर डोल्पा में बारिश हो रही है।
लगातार बर्फबारी से ऊंचे पहाड़ी इलाकों में ट्रेकिंग रूट और आने-जाने पर असर पड़ा है। चूंकि नुमला और बागला पास जैसे ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की वजह से आना-जाना मुश्किल हो जाता है, इसलिए टूरिस्ट की हालत के बारे में जानकारी लेना और रेस्क्यू टीमों को इकट्ठा करना एक चुनौती बन गया है। पहले भी ट्रेकिंग पर बैन लगाया गया था

डोल्पा के डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ऑफिस ने खराब मौसम के अनुमान के बाद अपर डोल्पा में ट्रेकिंग पर बैन लगा दिया था।
एडमिनिस्ट्रेशन ने कार्तिक 24 से हाई-रिस्क एरिया में टूरिस्ट से ट्रेकिंग न करने और सुरक्षित जगहों पर रहने की अपील की थी।
डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ऑफिस के मुताबिक, अपर डोल्पा के अलग-अलग टूरिस्ट एरिया में 244 टूरिस्ट पहुंचे थे। इनमें से 149 नेपाली, 44 SAARC देशों के और 51 दूसरे विदेशी नागरिक थे।
संभावित बर्फबारी, बर्फानी तूफान और एवलांच के खतरे को ध्यान में रखते हुए, एडमिनिस्ट्रेशन ने संबंधित एजेंसियों से टूरिस्ट की सुरक्षा पक्का करने के लिए कोऑर्डिनेट करने की अपील की थी। टूरिस्ट और ट्रेकिंग करने वालों से भी खराब मौसम में रिस्की यात्रा न करने को कहा गया था।
डोल्पा के चीफ डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर जुनू हमाल के मुताबिक, ऊंचे इलाकों में पहुंचे टूरिस्ट की हालत के बारे में जानकारी इकट्ठा की जा रही है और ज़रूरत पड़ने पर बचाव और राहत की तैयारी की जा रही है। डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ऑफिस ने बताया कि उसने बचाव और राहत की तैयारी के लिए डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर, सिक्योरिटी एजेंसियों, हेल्थ इंस्टीट्यूशन और लोकल लेवल के साथ कोऑर्डिनेट किया है।
फोकसुंडो झील डोल्पा में एक बड़ी टूरिस्ट जगह है। समुद्र तल से लगभग 3,600 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद, फोकसुंडो झील अपनी प्राकृतिक सुंदरता और पहाड़ों पर ट्रेकिंग की वजह से घरेलू और विदेशी टूरिस्ट को अपनी ओर खींचती रही है। हालांकि, ऊंचे हिमालयी इलाके में ट्रेकिंग करना रिस्की है क्योंकि मौसम अचानक बदल सकता है और बर्फबारी ट्रेकिंग रूट को ब्लॉक कर सकती है।
लापता हुए छह भारतीय टूरिस्ट की खोज और बचाव के लिए और जानकारी इकट्ठा की जा रही है।लगातार हेलिकाप्टर से भारतीय नागरिकों की तलाश जारी है ।
