काम पर वापस लाने के लिए प्रवासी मजदूरों के लिए एयर टिकट के साथ वातानुकूलित ट्रेन की करवाई टिकट बुक

करौली । लॉकडाउन के बाद दूसरे राज्यों में काम करने वाले श्रमिक अपने घरों को लौट गए थे। अब लॉकडाउन खुलने के बाद वे सभी धीरे-धीरे काम पर लौटना चाहते हैं। कई श्रमिक ऐसे हैं जो अब अपने गृहनगर को अब छोड़कर नहीं जाना चाहते हैं। ऐसे में उनके मालिक परेशान हो गए हैं। उनके यहां काम करने वालों की कमी हो गई है। अब जब लॉकडाउन खुल रहा है तो मालिकों को मजदूरों की कमी खल रही है। लॉकडाउन खुलने के बाद काम को सुचारु रूप से चलने के लिए चेन्नई के कई ठेकेदार काम करने वाले मजदूरों को वापस लाने के लिए फ्लाइट एवं राजधानी श्रेणी की वातानुकूलित ट्रेन के टिकटों का इंतजाम कर रहे हैं।

करौली जिले के बुगडार गांव निवासी ठेकेदार मुकुट बिहारी शर्मा ने अपने श्रमिकों को ले जाने के लिए राजधानी श्रेणी की वातानुकूलित थर्ड एसी का टिकट अपने श्रमिकों के लिए बुक करवाया। ठेकेदार श्याम सुंदर शर्मा एवं मुकुट बिहारी शर्मा ने श्रमिकों को चेन्नई ले जाने के लिए करौली से बाकायदा आगरा कैंट स्टेशन एवं नई दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय इंदिरा गांधी एयरपोर्ट के लिए टैक्सी से श्रमिकों को ले जाया जाएगा, जिसके बाद वातानुकूलित ट्रेन एवं फ्लाइट के माध्यम से श्रमिकों को चेन्नई स्थित साइट पर ले जाया जाएगा।

ठेकेदार श्याम सुंदर शर्मा एवं मुकुट बिहारी शर्मा ने बताया कि 2 दर्जन से अधिक मजदूरों को वापस चेन्नई लाने के लिए उन्होंने फ्लाइट एवं थर्ड एसी ट्रेन टिकटों की बुकिंग की है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी के कारण पूरे देश भर में हुए लॉकडाउन के कारण प्रवासी मजदूर अपने-अपने घर लौट गए थे। बहुत श्रमिक तो कोरोना के चलते चेन्नई जाना पसंद नहीं कर रहे थे, लेकिन श्रमिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपने श्रमिकों के लिए हवााई सेवा एवं वातानुकूलित ट्रेन के टिकट बुक करवाएं।

श्याम सुंदर शर्मा ने बताया कि उन्होंने 1 दर्जन से अधिक श्रमिकों के लिए 10 अगस्त को नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से चेन्नई के लिए दोपहर 12:00 बजे जाने वाली फ्लाइट का टिकट बुक करवाया है। फ्लाइट के टिकट पाकर श्रमिकों के चेहरे पर खुशी देखने को मिल रही है। वही 1 दर्जन से अधिक श्रमिकों के लिए 10 अगस्त को ही आगरा कैंट स्टेशन से चेन्नई स्टेशन के लिए थर्ड एसी की टिकट बुक करवाई गई है। फ्लाइट की टिकट पर्याप्त संख्या में नहीं मिलने के कारण अन्य श्रमिकों को वातानुकूलित ट्रेन से चेन्नई भेजा जाएगा।

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