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नेपाल का पोखरा का टूरिज्म:भारतीय इंडियन गेस्ट लगभग 50% पहुंचे सोनौली बार्डर से भारतीय कारो के रोड परमिट में पोखरा सबसे आगे

 

*रतन गुप्ता सोनौली*

 

नेपाल के पोखरा में इंडियन गेस्ट के आने में बढ़ोतरी से यहां की टूरिज्म इंडस्ट्री को बढ़ावा मिला है।

इंडियन गेस्ट रानी नेपाल में ,पहुना,ने पोखरा को सपोर्ट किया है। पोखरा के ज़्यादातर होटलों में अब इंडियन गेस्ट हैं। इंडियन गेस्ट के आने में बढ़ोतरी से मिडिल-क्लास से लेकर हाई-एंड होटलों को फायदा हुआ है। बिजनेसमैन का यह भी कहना है कि डोमेस्टिक गेस्ट के आने के बाद पोखरा में इंडियन गेस्ट का आना ज़्यादा है।

बिजनेसमैन के मुताबिक, इस मौसम में जैसे-जैसे भारतीय शहरों में गर्मी बढ़ती है, पिछले साल भी इस मौसम में इतने ही भारतीय मेहमान गर्मी से बचने के लिए पोखरा आते थे। उनका कहना है कि भारतीय मेहमानों का आना अभी भी ठीक-ठाक है। टूरिज्म एक्सपर्ट्स का कहना है कि पोखरा के टूरिज्म को घरेलू मेहमानों के बाद भारतीय मेहमानों से ज़्यादा फायदा हुआ है।

टूरिज्म बोर्ड के मुताबिक, हर महीने हवाई जहाज से नेपाल आने वाले विदेशी मेहमानों में से करीब 50%परसेंट भारतीय मेहमान होते हैं। हालांकि, पोखरा के मामले में यह आंकड़ा और भी ज़्यादा है। बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि आने वालों की संख्या इसलिए भी ज़्यादा है क्योंकि पोखरा भारतीय मेहमानों के लिए एक नज़दीकी और आसान जगह है।

टूरिज्म बोर्ड गंडकी के सीनियर डायरेक्टर मणिराज लामिछाने कहते हैं, “पोखरा को भारतीय टूरिज्म से काफी फायदा हुआ है। इस समय पोखरा में और भी ज़्यादा भारतीय मेहमान हैं। पोखरा के ज़्यादातर होटलों में अब भारतीय मेहमानों का दबदबा है।” उनके मुताबिक, पोखरा के टूरिज्म सेक्टर में घरेलू मेहमानों का हिस्सा करीब 50 परसेंट है, जबकि बाकी हिस्से पर भारतीय मेहमान हैं।

उन्होंने कहा, ‘अभी भी पोखरा के टूरिज्म का कम से कम 50%परसेंट हिस्सा इंडियन टूरिज्म का है। इस सीजन में तो और भी ज़्यादा इंडियन गेस्ट आते हैं।’ ‘कोरोनावायरस इंफेक्शन के बाद नेपाल में इंडियंस का आना बहुत बढ़ गया है। तब से यह आना कम नहीं हुआ है। अगर कभी-कभार होने वाली घटनाओं की वजह से कुछ समय के लिए आना प्रभावित भी होता है, तो वह टेम्पररी होता है।’

उन्होंने कहा कि पोखरा में इंडियंस का आना इसलिए बढ़ रहा है क्योंकि पोखरा आना आसान है, सड़क छोटी है, और ज़मीन के रास्ते भी आना-जाना मुमकिन है। ‘पोखरा उन इंडियंस के लिए गेटवे बन गया है जो मुक्तिनाथ जाना चाहते हैं। इसके अलावा, चिलचिलाती गर्मी से बचने के लिए आने वाले लोगों की संख्या भी ज़्यादा है।’ उन्होंने कहा, ‘पोखरा में होटलों से लेकर टूरिज्म से जुड़े सभी तरह के बिजनेस को फायदा हुआ है।’ उन्होंने कहा कि पोखरा में ज़्यादा इंडियन गेस्ट आ रहे हैं क्योंकि शॉर्ट-टर्म छुट्टियों में भी घूमना आसान है।

उन्होंने कहा कि हाल ही में जब चीनी गेस्ट का आना उम्मीद के मुताबिक नहीं हुआ, तब पोखरा को इंडियन गेस्ट से ज़्यादा फायदा हुआ है। लामिछाने ने कहा, “भारतीय मेहमानों के आने को देखते हुए, पोखरा इलाके के टूरिज्म बोर्ड और बिजनेसमैन भी भारतीय शहरों में लगातार प्रमोशनल प्रोग्राम कर रहे हैं।” ‘लेट्स गो पोखरा’ पोखरा कैंपेन से भारतीय मेहमानों को पोखरा लाना आसान हो गया है।’ उन्होंने कहा कि जब चीनी मेहमानों का आना कम रहा है, तब भारतीय मेहमानों के आने से बिजनेस को मदद मिली है।

यहां के टूरिज्म बिजनेसमैन भारतीय शहरों में ‘लेट्स गो पोखरा’ कैंपेन चलाकर भारतीय टूरिस्ट को टारगेट कर रहे हैं और भारतीय मेहमानों को पोखरा बुला रहे हैं। लामिछाने ने कहा कि जब अमेरिकी और यूरोपियन मेहमानों का आना कम रहा है, तब भारतीय मेहमानों की वजह से यहां का टूरिज्म सेक्टर वाइब्रेंट हो गया है।

उन्होंने कहा, ‘दूरी कम होने की वजह से, कई भारतीय ग्रुप प्राइवेट गाड़ियों से घूमने आते हैं। परिवार के लोग भी घूमते पाए जाते हैं।’ ‘क्योंकि नेपाल में एंट्री करने के पांच घंटे के अंदर पोखरा पहुंचा जा सकता है, इसलिए भारतीय मेहमानों को पोखरा लाना भी आसान हो गया है।’

टूरिज्म बिजनेसमैन का यह भी कहना है कि हाल के दिनों में भारतीय मेहमानों ने सभी तरह के टूरिज्म सेक्टर को फायदा पहुंचाया है। होटल लैंडमार्क के डायरेक्टर ओम प्रकाश पांडे ने कहा, ‘आजकल छोटे से लेकर मीडियम साइज़ के होटलों को भी इंडियन गेस्ट का सपोर्ट मिला है। टूरिज्म बिजनेस को सपोर्ट करने के लिए इंडियन गेस्ट एक मजबूत बेस बन गए हैं।’ उनके मुताबिक, सिर्फ पोखरा ही नहीं बल्कि सौराहा के होटलों में भी काफी इंडियन गेस्ट आते हैं।

होटल एसोसिएशन पोखरा के प्रेसिडेंट लक्ष्मण सुबेदी भी कहते हैं कि इस सीजन में पोखरा को इंडियन गेस्ट से काफी फायदा हुआ है। ‘न्यू ईयर से ही इंडियन गेस्ट पोखरा आने लगे थे। वह नंबर अभी भी वही है। इस बार पोखरा को इंडियन गेस्ट से काफी फायदा हुआ है,’ उन्होंने कहा।

यह सीजन तीसरे देशों से विदेशियों के नेपाल आने का होता है। हालांकि, मिडिल ईस्ट में टेंशन की वजह से यूरोपियन और अमेरिकन गेस्ट इस दौरान नहीं आ पाए। इस सीजन में पदयात्रा का आना भी बंद हो गया था। कुछ गेस्ट बीच रास्ते से ही लौट गए थे। ‘डोमेस्टिक और इंडियन गेस्ट की वजह से इस बार न्यू ईयर पर पोखरा में काफी गेस्ट आए हैं। यह वह सीजन है जब अमेरिकन और यूरोपियन विजिटर आते हैं। उन्होंने कहा, ‘लेकिन, मिडिल ईस्ट में टेंशन की वजह से विज़िटर्स रुक गए हैं,’ ‘लेकिन, पोखरा और आस-पास के इलाकों को इंडियन विज़िटर्स से काफी फायदा हुआ है।’

पोखारा टूरिज्म काउंसिल (PTC) के पूर्व चेयरमैन, सोम थापा भी कहते हैं कि इस बार इंडियन विज़िटर्स का आना अच्छा लग रहा है। ‘अगर इंडियन विज़िटर्स को आने की इजाज़त नहीं होती, तो पोखरा का टूरिज्म सेक्टर खत्म हो जाता। लेकिन, इंडियन विज़िटर्स ने काफी सपोर्ट दिया है,’ उन्होंने कहा, ‘इंडियन विज़िटर्स का आना कुछ और दिनों तक अच्छा रहेगा। क्योंकि इंडियन शहरों में गर्मी है, इसलिए इंडियन विज़िटर्स भी इस समय पोखरा आना चाहते हैं।’ पोखरा में आए इंडियन विज़िटर्स आस-पास के गांव के इलाकों में घूमने भी जाने लगे हैं।

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