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नेपाल के जनकपुरधाम और अयोध्या के बीच रेल संपर्क की तैयारी तेज, धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

*रतन गुप्ता उप संपादक*
जनकपुरधाम और अयोध्या के बीच रेल संपर्क की तैयारी तेज, धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

जनकपुरधाम और भारत के अयोध्या के बीच रेल संपर्क स्थापित करने की तैयारी तेज होने के साथ ही मिथिला की धार्मिक नगरी जनकपुरधाम के पर्यटन विकास की नई संभावनाएं खुलने की उम्मीद है।

माता जानकी के मंदिर के लिए प्रसिद्ध जनकपुरधाम और भगवान राम की नगरी अयोध्या को रेलमार्ग से जोड़ने की प्रस्तावित योजना लागू होने पर जनकपुरधाम को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में नई पहचान मिल सकती है।

इस दिशा में शुरुआती कदम के तौर पर गुरुवार को 17 डिब्बों वाली भारतीय रेलगाड़ी का जयनगर से जनकपुरधाम के कुर्था तक परीक्षण किया गया। नेपाल रेलवे के प्रमुख परिवेश पराजुली के अनुसार, प्रस्तावित रेल सेवा शुरू करने से पहले प्रारंभिक परीक्षण के उद्देश्य से यह ट्रेन अयोध्या से भारतीय रेलवे के अधिकारियों के साथ जनकपुरधाम लाई गई थी। ट्रेन का इंजन डब्ल्यूडीपी-4डी 40370 नंबर का है।

पराजुली ने कहा कि जनकपुरधाम और अयोध्या दोनों ही हिंदू धर्मावलंबियों के लिए आस्था के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जनकपुरधाम माता सीता की जन्मभूमि और अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि है। दोनों शहरों के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होने से रामायण से जुड़े धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा होगी।

आदान-प्रदान कार्यक्रम
प्रस्तावित रेल सेवा से विशेष रूप से अयोध्या आने वाले भारतीय धार्मिक पर्यटकों को जनकपुरधाम तक पहुंचने में आसानी होगी। वहीं, नेपाल से अयोध्या जाने के इच्छुक यात्रियों को भी इसका लाभ मिलेगा। इससे रामायण सर्किट की अवधारणा को व्यावहारिक रूप देने में मदद मिलने की उम्मीद है।

नेपाल रेलवे के प्रमुख पराजुली के अनुसार, जनकपुरधाम और अयोध्या के बीच रेल सेवा शुरू करने की योजना के तहत पहले चरण में 17 डिब्बों वाली ट्रेन लाई गई है। हालांकि, सेवा शुरू करने की तारीख और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर नेपाल और भारत के बीच औपचारिक समझौता होना अभी बाकी है।

उन्होंने बताया कि प्रारंभिक चर्चा के अनुसार सप्ताह में एक दिन जनकपुरधाम से अयोध्या तक ट्रेन चलाने और अगले दिन वापसी की योजना है। प्रस्तावित योजना पर दोनों देशों के बीच सहमति बनने पर नेपाल की ओर जनकपुरधाम और जयनगर में स्टेशन होंगे। भारत की ओर के स्टेशन और रेलमार्ग का रूट अभी तय नहीं हुआ है।

रेल सेवा के संचालन के लिए जनकपुरधाम रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म का उन्नयन भी किया जा रहा है। यात्रियों के प्रबंधन, सीमा सुरक्षा और अन्य तकनीकी विषयों पर दोनों देशों के बीच सहमति बननी बाकी है।

पराजुली के अनुसार, समझौता होने के बाद रेल सेवा का औपचारिक उद्घाटन नेपाल के प्रधानमंत्री वालेन्द्र (बालेन) शाह और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संयुक्त रूप से किए जाने के विषय पर भी चर्चा चल रही है। हालांकि, इस संबंध में दोनों देशों के बीच औपचारिक बैठक और निर्णय होना अभी शेष है।
पर्यटन गतिविधियों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
जनकपुरधाम और अयोध्या के बीच रेल संपर्क केवल यातायात सुविधा का विस्तार नहीं होगा, बल्कि इससे जनकपुरधाम के होटल, रेस्तरां, परिवहन, हस्तकला, धार्मिक सामग्री के कारोबार और स्थानीय पर्यटन व्यवसाय को भी नए अवसर मिल सकते हैं।

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद वहां धार्मिक पर्यटकों का आकर्षण बढ़ा है। ऐसे में जनकपुरधाम को अयोध्या से जोड़ने पर भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए नेपाल यात्रा का एक महत्वपूर्ण गंतव्य विकसित हो सकता है। इसी तरह जनकपुरधाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या की यात्रा भी आसान होगी।

जनकपुर उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र भंडारी का कहना है कि केवल रेल सेवा शुरू हो जाने से जनकपुरधाम में पर्यटकों के ठहरने और उनके खर्च में वृद्धि सुनिश्चित नहीं होगी। इसके लिए जानकी मंदिर के अलावा रामायण से जुड़े अन्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों की पहचान और प्रचार-प्रसार करना होगा। साथ ही स्तरीय होटल, परिवहन सेवाएं, पर्यटक-अनुकूल बुनियादी ढांचा और व्यवस्थित पर्यटन पैकेज तैयार करने की जरूरत है।

भंडारी के अनुसार, विवाह पंचमी, रामनवमी और जानकी नवमी जैसे भव्य धार्मिक आयोजनों को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन से जोड़ने का अवसर भी इस रेल सेवा से मिल सकता है। धार्मिक यात्रा के लिए आने वाले पर्यटकों को मिथिला की कला, संस्कृति, खानपान और परंपराओं से परिचित कराया जाए तो उनका ठहराव बढ़ सकता है और स्थानीय समुदाय की आमदनी में भी वृद्धि हो सकती है।

नेपाल के जनकपुरधाम से भारत के अयोध्याधाम तक प्रस्तावित रेलमार्ग की दूरी करीब 464 किलोमीटर बताई गई है।

जनकपुरधाम तक ट्रेन लाकर परीक्षण किए जाने से प्रस्तावित रेल सेवा की तैयारियों में तेजी आने का संकेत मिला है। हालांकि, संचालन की तारीख, मार्ग, किराया, स्टेशन, सुरक्षा व्यवस्था और औपचारिक समझौते जैसे महत्वपूर्ण विषय अभी तय होने बाकी हैं।

प्रधानमंत्री बालेन शाह की आगामी भारत यात्रा के दौरान इस रेल सेवा का उद्घाटन होने की चर्चा भी है। यदि सभी औपचारिकताएं पूरी कर सेवा नियमित रूप से शुरू होती है, तो जनकपुरधाम और अयोध्या के बीच सदियों पुराने धार्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को पर्यटन और जनसंपर्क के नए आयाम से जोड़ने का रास्ता खुल सकता है।

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