
रतन गुप्ता उप सम्पादक
-भारत के पड़ोसी देश नेपाल में फर्जी कागज बनवाकर करोड़ों रूपयों की सरकारी जमीन बेचने के आरोप में एक भारतीय सख्स को गिरफ्तार किया गया है। अनूप मेहरा नाम के एक भारतीय नागरिक पर नेपाल सरकार के स्वामित्व वाली जमीन के एक टुकड़े को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचकर संपत्ति अर्जित करने और सरकार को 5.4 करोड़ नेपाली रुपए से अधिक का नुकसान पहुंचाने का आरोप है। प्रशासन ने अनूप मेहरा पर जमीन के एक टुकड़े का मालिकाना हक लेने के लिए फर्जी दस्तावेज बनाने और सरकारी खजाने को 5.4 करोड़ नेपाली रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाने को लेकर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है। कमीशन फॉर इन्वेस्टिगेशन ऑफ अब्यूज ऑफ ऑथोरिटी (सीआईएए) ने अनूप मेहरा के खिलाफ बृहस्पतिवार को एक मामला दर्ज किया और 5.54 करोड़ नेपाली रुपये चुकाने की मांग की। सीआईएए के प्रवक्ता भोला दहल के अनुसार अनूप मेहरा ने फर्जी दस्तावेजों के लिए नवलपारसी के भूमि सुधार कार्यालय के प्रमुख को भी इस धोखाधड़ी में शामिल किया। इसके बाद मेहरा ने पैसे देकर प्रमुख से फर्जी कागज बनवाए और फिर जमीन तीसरे पक्ष को बेच दी। सीआईएए ने करोड़ों रुपए की चपत लगाने वाले अनूप मेहरा के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया है। हालांकि भारतीय नागरिक अभी फरार बताया जा रहा है। एक पुरानी रिपोर्ट के मुताबिक 32.2 बीघा जमीन का भूखंड जो कि सनाई ग्राम विकास समिति में स्थित था, उसे नेपाली नागरिक अनुप कुमार खत्री के रूप में अपनी फर्जी पहचान प्रस्तुत करके अलग-अलग नेपाली परिवारों को बेच दी। रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे पहले जमीन का मालिकाना हक प्रेम शरण खत्री के पास था। मेहरा ने जमीन का स्वामित्व हस्तांतरित कराने के लिए प्रेम शरण का उत्तराधिकारी होने का नाटक किया और फिर इसे 12 नेपालियों को बेच दिया।
