बस्ती। अष्टांग योग के चतुर्थ स्तंभ प्राणायाम के अंतर्गत आने वाले तृतीय विभाग स्तम्भवृत्ति प्राणायाम के अभ्यास और उसके लाभों पर योगाचार्य डॉ नवीन सिंह ने विस्तार से जानकारी दी।
बस्ती। अष्टांग योग के चतुर्थ स्तंभ प्राणायाम के अंतर्गत आने वाले तृतीय विभाग स्तम्भवृत्ति प्राणायाम के अभ्यास और उसके लाभों पर योगाचार्य डॉ नवीन सिंह ने विस्तार से जानकारी दी।
बस्ती। योग के माध्यम से स्वस्थ जीवन और आत्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करते हुए पतंजलि योग पीठ, हरिद्वार यूनिट बस्ती के योगाचार्य डॉ. नवीन सिंह ने बाह्य प्राणायाम की
बस्ती। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर विश्व संवाद परिषद के राष्ट्रीय महासचिव एवं योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रखर मार्गदर्शक प्रो. डॉ. नवीन सिंह ने जनमानस को परिवर्तन
बस्ती। अष्टांग योग के आठ सोपानों में यम और नियम के पश्चात तीसरा सोपान आसन है, जिसका उद्देश्य शरीर और मन में स्थिरता एवं सुख की स्थापना करना है। महर्षि
बस्ती। अष्टांग योग के द्वितीय अंग ‘नियम’ के अंतर्गत संतोष के महत्व पर योगाचार्य डॉ. नवीन सिंह ने योग साधकों एवं योग प्रेमियों को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया
बस्ती: योग दर्शन में अष्टांग योग का विशेष महत्व है। महर्षि पतंजलि द्वारा प्रतिपादित अष्टांग योग के आठ अंगों में पहला अंग यम है। यम के पाँच उपविभाग—अहिंसा, सत्य,
बस्ती। अष्टांग योग के अंतर्गत यम का चौथा स्तंभ ब्रह्मचर्य है, जिसे लेकर समाज में अनेक भ्रांतियाँ प्रचलित हैं। अधिकांश लोग ब्रह्मचर्य को केवल शारीरिक संबंधों के पूर्ण त्याग से
बस्ती। योग दर्शन में यमों का महत्वपूर्ण स्थान है। यम का दूसरा अंग ‘सत्य’ है, जिसका सूत्र महर्षि पतंजलि ने पातंजल योगदर्शन में स्पष्ट किया है — “सत्यप्रतिष्ठायां क्रियाफलाश्रयत्वम्” (2/36)।
बस्ती। संसार में योग की परंपरा अत्यंत प्राचीन और समृद्ध मानी जाती है। वैदिक संहिताओं के अनुसार ऋषि-मुनियों एवं तपस्वियों द्वारा प्राचीन काल से ही योग का अभ्यास किया जाता
बस्ती। आस्था आयुर्वेदिक एक्यूप्रेशर हॉलिस्टिक सेंटर के तत्वावधान में मूंग बाधित विद्यालय रिहैब प्लस डे केयर सेंटर, सुरती हट्टा, पुरानी बस्ती में एक नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया