अहमदाबाद
अहमदाबाद एयरपोर्ट रोड पर अडाणी एयरपोर्ट के नाम का बोर्ड सड़कों पर लगाए गए हैं। जिसमें सरदार वल्लभभाई पटेल का नाम कहीं भी नजर नहीं आता है।अहमदाबाद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को 50 वर्षों के लिए अडाणी समूह को सौंप दिया गया है। अहमदाबाद के घरेलू हवाई अड्डे पर भी जगह-जगह अडाणी समूह का पोस्टर लगाया गया है।अडाणी समूह के पास हवाई अड्डों के संचालन, प्रबंधन और विकास का अधिकार होगा। इन हवाई अड्डों से प्राप्त आय पर कंपनी का अधिकार होगा।
अडाणी समूह ने पहली बार हवाई अड्डा क्षेत्र के कारोबार में कदम रखा है। अहमदाबाद एयरपोर्ट का प्रबंधन 7 नवंबर से अडाणी ग्रुप को सौंप दिया गया था। गौरतलब है कि फरवरी 2019 में केंद्र की मोदी सरकार ने 6 बड़े हवाई अड्डों का निजीकरण किया था। इनमें अहमदाबाद, लखनऊ, जयपुर, मैंगलोर, तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी हवाई अड्डे शामिल हैं। गुजरात में पिछले 28 वर्षों से सत्ता में रही भारतीय जनता पार्टी सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर लोकसभा चुनाव में वोट मांगते हुए नजर आ रही थी।इतना ही नहीं मोदी सरकार ने विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का भी निर्माण करा चुकी है।
मोदी सरकार ने अहमदाबाद हवाई अड्डे का निजीकरण कर दिया और इसे 50 साल के लिए अपने पसंदीदा व्यवसायी अडानी को सौंप दिया है।मामला सामने आने पर गुजरात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा ने भी ट्वीट कर भाजपा पर हमला बोला। चावड़ा ने ट्वीट कर लिखा “सरदार विरोधी, अदानी प्रेमी भाजपा सरदार पटेल के नाम पे सिर्फ अपने राजकाज को चमकाने वाली भ्रष्ट भाजपा सरकार ने अपने उद्योगपति मित्र की खिदमत में गुजरात के अहमदाबाद एयरपोर्ट से देश के लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का नाम गायब कर के अदानी एयरपोर्ट कर दिया। #बेशर्म_भाजपा।” पर्यटकों की संख्या के लिहाज से अहमदाबाद हवाई अड्डा भारत का आठवां सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है। रोजाना औसतन 250 विमान यहां से उड़ान भरते हैं।वर्ष 2014-15 में, 48 लाख पर्यटकों ने इस हवाई अड्डे की सेवा का उपयोग किया था।
