रिपोर्टर रतन गुप्ता

लोकसभा चुनाव 2024 के लिए रण तैयार हो चुका है। पार्टियों ने देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीटों के लिए रणनीति बनाना शुरु कर दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि लोकतंत्र बचाने के लिए बूथ स्तर पर संघर्ष करना होगा। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की एकजुटता व सक्रियता के सामने भाजपा नहीं टिक पाएगी।
यूपी में लोकसभा की 80 सीटों पर अखिलेश यादव की नजर, बोले- लोकतंत्र बचाने के लिए बूथ स्तर पर करना होगा संघर्ष
अखिलेश यादव बोले बूथ स्तर पर करना होगा संघर्ष
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में पार्टी का जीतना आवश्यक है। लोकतंत्र को बचाने के लिए बूथ स्तर पर संघर्ष करना होगा। सपा के कार्यकर्ताओं की एकजुटता और सक्रियता के सामने भाजपा टिक नहीं सकती है।
पार्टी कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि अगर ईमानदारी और निष्ठा से चुनाव में जीत के लिए लग जाएं तो कोई मुकाबले में नहीं होगा। सपा मुखिया ने गुरुवार को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में कार्यकर्ताओं तथा संगठन के पदाधिकारियों की बैठक में कहा कि हमें बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत बनाना है।
समाजवादी एक दूसरे का सम्मान करें और जनता के सुख-दुख में शामिल रहें। भाजपा सरकार के छह वर्ष में बस समाजवादी कामों को अपना बताने व उन्हें बर्बाद करने का काम हुआ है। बरसात होते ही पूर्वांचल एक्सप्रेसवे धंस गया। इससे पहले बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे भी धंस गया था। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतंत्र के विरुद्ध काम करती है और मतदाताओं को भ्रमित करती है।
भाजपा की कुनीतियों से जनता को अवगत कराना जरूरी है। इसमें शिक्षक समाज और अधिवक्ता वर्ग की विशेष जिम्मेदारी है। भारत के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए सतर्क रहना है। भाजपा की पूरी कोशिश है कि लोग अमन चैन से न रहें। सामाजिक सद्भाव कायम न रहे।
संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करना संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है। भाजपा सामाजिक न्याय के भी खिलाफ है। सपा की मांग है कि जातीय जनगणना हो ताकि सबकी संख्या की जानकारी के साथ उनको हक और सम्मान मिल सके।
