पुरुषोत्तम सुवेदी
काठमाडौँ, असोज १८ गते। स्थानीय स्तर पर महिलाओं की सहभागिता बढ़ने के बावजूद निर्णायक और शीर्ष नेतृत्व में प्रायः पुरुषों का ही बाहुल्य दिखने वाले नेपाल के वर्तमान परिदृश्य में, नवलपरासी (बर्दघाट-सुस्ता पश्चिम) की सुनवल नगरपालिका देश के लिए एक नया और अनुकरणीय मॉडल बनी है।
नगरपालिका के राजनीतिक नेतृत्व (नगर प्रमुख/मेयर) और प्रशासनिक नेतृत्व (प्रमुख प्रशासकीय अधिकारी)—दोनों शीर्ष पदों पर सक्षम और अनुभवी महिलाओं की उपस्थिति से सुनवल में कार्य निष्पादन अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और परिणाममुखी बनता जा रहा है। इस सहकार्य ने स्थानीय सरकार संचालन में सुशासन और समावेशी नेतृत्व का सकारात्मक संदेश राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित किया है।
प्रदेश की एकमात्र महिला मेयर: फ़ील्ड में डटने वाली बिमला अर्याल
लुम्बिनी प्रदेश के सभी १२ जिलों की नगरपालिकाओं तथा उप-महानगरपालिकाओं में प्रमुख (मेयर) पद पर निर्वाचित होने वाली एकमात्र महिला जनप्रतिनिधि बिमला अर्याल हैं।

लंबे समय से महिला सशक्तीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और विपन्न वर्ग के उत्थान में क्रियाशील रहते हुए समाज सेवा से राजनीति में आईं अर्याल की कार्यशैली केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है। विकास निर्माण के कार्यों को गति देने के लिए वे निरंतर फ़ील्ड में जुटी रहती हैं। अधूरे प्रोजेक्ट्स को पूरा करने और नए रणनीतिक प्लान को आगे बढ़ाने के लिए वे संघीय मंत्रालयों तथा विभिन्न निकायों के साथ निरंतर प्रभावी समन्वय कर रही हैं।
वर्षों के जनविश्वास को भाषणों से नहीं, बल्कि काम के जरिए साबित कर रहीं अर्याल कहती हैं, “जनता द्वारा दिए गए विश्वास को शब्दों में नहीं, परिणामों से साबित करना चाहिए। महिलाएं नेतृत्व नहीं कर सकतीं—इस पारंपरिक सोच को भाषणों से नहीं, बल्कि हमारे काम और नतीजों से ही बदलना होगा।”
दुर्गम का अनुभव और प्रशासनिक दक्षता: दुर्गा बञ्जाडे
नगरपालिका के प्रशासनिक नेतृत्व की कमान सामान्य प्रशासन समूह की उपसचिव दुर्गा बञ्जाडे ने संभाली है। वर्ष २०६८ (नेपाली संवत) में लोक सेवा आयोग के माध्यम से शाखा अधिकारी पद से सिविल सेवा में प्रवेश करने वाली बञ्जाडे का २०७४ में उपसचिव पद पर प्रमोशन हुआ था।
राष्ट्रीय योजना आयोग से स्थानांतरित होकर हाल ही में सुनवल नगरपालिका की प्रमुख प्रशासकीय अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभालने आईं बञ्जाडे सिविल सेवा क्षेत्र में एक अनुभवी, साहसी और सफल प्रशासक मानी जाती हैं। अपनी लगभग १५ वर्षों की प्रशासनिक यात्रा के दौरान उन्होंने करीब एक दशक देश के दुर्गम तथा विकट क्षेत्रों में रहकर जनता की प्रत्यक्ष सेवा में बिताया है।
प्रशासनिक यात्रा के दौरान उन्होंने नेपाल के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों के सरकारी कार्यालयों का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया है। उन्होंने जुम्ला जिले के प्रमुख जिला अधिकारी (CDO) जैसी संवेदनशील जिम्मेदारी को कुशलतापूर्वक संभाला है, जबकि पाल्पा और सिंधुपालचोक में सहायक प्रमुख जिला अधिकारी के रूप में सेवाएं दी हैं। इसी प्रकार, जाजरकोट में जिला डाक कार्यालय के अंतर्गत काम किया और सिंधुली की मरिण गाउँपालिका में स्थानीय निकाय के दूसरे चुनाव के दौरान निर्वाचन अधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका भी सफलतापूर्वक निभाई थी।
दुर्गम क्षेत्रों की भौगोलिक जटिलता, सीमित संसाधनों और स्थानीय आवश्यकताओं को करीब से समझकर काम करने के कारण उनके पास कार्य निष्पादन का एक मजबूत और परिपक्व अनुभव है। उनका यही लंबा प्रशासनिक अनुभव, स्पष्ट कार्यशैली और नेतृत्व क्षमता समग्र सुनवल नगरपालिका के कार्यपालिका सदस्यों, कर्मचारियों तथा आम नागरिकों के लिए अत्यंत भरोसेमंद और अनुकरणीय बनी है।
उनका यही लंबा अनुभव, नियमों व कानूनों के पालन में सख्त रुख और पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्धता सुनवल के दैनिक कार्य निष्पादन और सुशासन को और मजबूत बना रही है।

“कुशल महिला प्रशासक मिलने से काम करना हुआ आसान”: नगर प्रमुख अर्याल
प्रशासनिक प्रमुख के रूप में दुर्गा बञ्जाडे के आने से नगर के समग्र विकास और कार्य संचालन में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है—यह अनुभव नगर प्रमुख बिमला अर्याल का है।
“स्थानीय स्तर पर महिला प्रशासनिक नेतृत्व मिलने से काम करने में बहुत सुगमता आई है,” नगर प्रमुख अर्याल कहती हैं, “उस पर भी प्रमुख प्रशासकीय अधिकारी के रूप में बञ्जाडे मैडम जैसी कुशल, अनुभवी और पहले भी खुद को सफल साबित कर चुकीं प्रशासक को पाकर मुझे नगर के विकास निर्माण और योजनाओं को आगे बढ़ाने में अतिरिक्त उत्साह और सहजता महसूस हो रही है।”
सहकार्य, चुनौतियाँ और विकास की प्राथमिकताएँ
राजनीतिक नेतृत्व में मेयर अर्याल की दूरदृष्टि और प्रशासनिक नेतृत्व में बञ्जाडे के मजबूत अनुभव के कारण सुनवल में योजनाओं के कार्यान्वयन, बजट अनुशासन और कर्मचारी प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है।
चुनौतियों के बावजूद दोनों नेताओं के आपसी समन्वय और सहयोग से नगर विकास के कार्यों को गति देने की रणनीति बनाई गई है। वर्तमान में सुनवल नगरपालिका ने सड़क, पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और स्वरोजगार को मुख्य प्राथमिकता में रखकर काम शुरू किया है।
स्थानीय सरकार के राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों शीर्ष स्तरों पर सक्षम महिला अधिकारियों की यह कार्य-कुशलता और सहकार्य पूरे लुम्बिनी प्रदेश और पूरे देश के लिए सुशासन, समावेशी विकास और महिला नेतृत्व का एक उत्कृष्ट एवं प्रेरणादायक मॉडल पेश करता है।
निष्कर्ष
राजनीतिक नेतृत्व में नगर प्रमुख अर्याल की दूरदर्शिता और प्रशासनिक नेतृत्व में प्रमुख प्रशासकीय अधिकारी बञ्जाडे के मजबूत अनुभव ने सुनवल में नया उत्साह भरा है। इस नेतृत्व-जोड़ी को नगर के सभी कार्यपालिका सदस्यों, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों का पूरा समर्थन, सहयोग और मजबूत विश्वास हासिल है।
स्थानीय निकायों में महिला नेतृत्व पर सवाल उठाने वाली पारंपरिक सोच को तोड़ते हुए सुनवल नगरपालिका ने यह उदाहरण पेश किया है कि जनप्रतिनिधि, कर्मचारी और नागरिक समाज के त्रिवेणी संतुलन से विकास संभव है। शीर्ष नेतृत्व के इस सफल समन्वय, दृढ़ इच्छाशक्ति और नागरिकों के सहयोग ने सुनवल को सुशासन, समृद्धि और महिला नेतृत्व के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित किया है।
