मिलेनियम च्यालेन्ज एकाउन्ट (एमसीए-नेपाल) नेपाल-भारत के बीच २०० केवी बिजली का आदान-प्रदान

 

पुरुषोत्तम सुवेदी

काठमांडू। मिलेनियम च्यालेन्ज एकाउन्ट (एमसीए-नेपाल) के तहत निर्माणाधीन ४०० केवी क्षमता की नेपाल–भारत सीमापार पारेषण (ट्रांसमिशन) लाइन परियोजना के माध्यम से आगामी दिसंबर २०२६ से नेपाल और भारत के बीच २०० केवी बिजली का आदान-प्रदान करने की तैयारी की गई है।

नेपाल की ओर नवलपरासी (बर्दघाट-सुस्ता पश्चिम) स्थित न्यू बुटवल सबस्टेशन से भारत सीमा तक के १८ किलोमीटर लंबे खंड में टावर एवं लाइन निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। वहीं, ४०० केवी सबस्टेशन का निर्माण कार्य दिसंबर २०२७ तक ही पूरा हो पाएगा।

भारत की ओर सीमा से गोरखपुर तक लगभग ९६ किलोमीटर लंबे खंड में टावर और लाइन का काम तीव्र गति से चल रहा है, जबकि गोरखपुर में ४०० केवी सबस्टेशन का बुनियादी ढांचा पहले ही तैयार हो चुका है।

नेपाल विद्युत प्राधिकरण, न्यू बुटवल सबस्टेशन के परियोजना प्रमुख विश्वरंजन मिश्र के अनुसार, ४०० केवी क्षमता के पूर्ण सबस्टेशन निर्माण का लक्ष्य दिसंबर २०२७ तक रखा गया है। यद्यपि समग्र परियोजना ४०० केवी उच्च क्षमता की है, लेकिन नेपाल में ४०० केवी सबस्टेशन का निर्माण दिसंबर २०२७ में संपन्न होगा। इसलिए तात्कालिक रूप से तैयार अवस्था में मौजूद नवलपरासी (बर्दघाट-सुस्ता पश्चिम) के न्यू बुटवल सबस्टेशन से २०० केवी प्रणाली के माध्यम से बिजली प्रवाहित की जाएगी। इस व्यवस्था के तहत आवश्यकतानुसार दोनों देश एक-दूसरे को बिजली उपलब्ध कराएंगे।

तत्कालिक योजना के तहत दिसंबर २०२६ तक न्यू बुटवल के २०० केवी सबस्टेशन के जरिए भारत से लाइन जोड़कर बिजली का आदान-प्रदान शुरू किया जाएगा। वर्ष २०२७ के अंत में ४०० केवी सबस्टेशन तैयार होने के बाद पूर्ण क्षमता के साथ बिजली का प्रवाह होगा।

चूंकि ४०० केवी क्षमता का स्थायी सबस्टेशन बनना अभी बाकी है, इसलिए हाल ही में न्यू बुटवल सबस्टेशन में तैयार २०० केवी क्षमता की प्रणाली को भारत से जोड़ा जाएगा। दिसंबर २०२६ तक दोनों देशों की लाइनों को जोड़कर बिजली का आदान-प्रदान शुरू करने के उद्देश्य से दोनों तरफ तेजी से काम चल रहा है।

स्थायी रूप से ४०० केवी संरचना (४०० केवी विस्तार आदि) २०२७ के अंत तक पूर्ण रूप से संचालित होने के बाद इस ट्रांसमिशन लाइन से पूर्ण क्षमता (४०० केवी) में बिजली का प्रवाह शुरू हो जाएगा।

 

नेपाल की ओर, एमसीए-नेपाल विकास समिति ने एमसीए-नेपाल कॉम्पैक्ट के तहत ४०० केवी न्यू बुटवल सबस्टेशन को नेपाल-भारत सीमा से जोड़ने वाली सीमापार ट्रांसमिशन लाइन के १८ किलोमीटर खंड के टावर एवं लाइन निर्माण का कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर ही पूरा कर लिया है।

यह ट्रांसमिशन लाइन नवलपरासी (बर्दघाट-सुस्ता पश्चिम) जिले के न्यू बुटवल सबस्टेशन से होते हुए भारत तक पहुंचेगी। इस परियोजना से नेपाल में बिजली नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण और सीमापार ऊर्जा नेटवर्क विस्तार के नेपाल के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है।

 

ऊर्जा, जल संसाधन एवं सिंचाई मंत्रालय के अनुरोध पर एमसीए-नेपाल ने इस १८ किमी खंड का निर्माण कार्य पूरा किया है।

नेपाल की ओर १८ किमी ट्रांसमिशन लाइन खंड पूरा होने के साथ ही सीमापार ट्रांसमिशन लाइन के तहत एमसीए-नेपाल द्वारा किए जाने वाले टावर और लाइन निर्माण का काम संपन्न हो गया है।

अब इस ट्रांसमिशन लाइन में बिजली प्रवाहित कर इसे चालू करने से पहले नेपाल-भारत सीमापार बिजली प्रवाह के लिए आवश्यक प्रक्रियात्मक कार्यों और अनुमतियों (स्वीकृति) को आगे बढ़ाया जाएगा।

यह १८ किलोमीटर का खंड एमसीए-नेपाल की विद्युत प्रसारण परियोजना का एक हिस्सा है। इस परियोजना के तहत ३१५ किलोमीटर लंबी उच्च-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइन और तीन सबस्टेशन के निर्माण के साथ-साथ विद्युत नियमन आयोग और नेपाल विद्युत प्राधिकरण को तकनीकी सहायता प्रदान करने का कार्य किया जा रहा है।

यह परियोजना नेपाल में बिजली की उपलब्धता एवं विश्वसनीयता में सुधार लाने, ऊर्जा सुरक्षा, भावी बिजली उत्पादन और सीमापार बिजली व्यापार को मजबूती देने के उद्देश्य से तैयार की गई है।

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