पुरुषोत्तम सुवेदी
पश्चिम नवलपरासी, असोज ३० गते। सशस्त्र प्रहरी बल, नेपाल सीमा सुरक्षा प्रशिक्षण विद्यालय, पश्चिम नवलपरासी के बर्धघाट में संचालित सिम्हा (सिन्हा) नंबर २३९ (छ) सशस्त्र प्रहरी जवान आधारभूत प्रशिक्षण पूरा कर १२५ नए सशस्त्र प्रहरी जवान दीक्षित हुए हैं। दीक्षान्त समारोह के दौरान उन्हें दीक्षित कर कार्यक्षेत्र में भेजा गया है।
प्रशिक्षण विद्यालय के प्रमुख एवं सशस्त्र प्रहरी वरिष्ठ अधीक्षक सुधीर सुवेदी के अनुसार, राष्ट्र और नागरिक सेवा की उच्च अभिलाषा लेकर सैन्य संगठन में प्रवेश करने वाले इन जवानों को ४० सप्ताह का कठोर तथा बहुआयामी प्रशिक्षण प्रदान किया गया था।
“बहाया पसीना प्रशिक्षण में, नहीं बहेगा खून रणभूमि में” के मूल आदर्श वाक्य को आत्मसात करते हुए दीक्षित हुए नए जवान देश के विभिन्न भागों में शांति-सुरक्षा और सीमा रक्षा के लिए प्रस्थान कर चुके हैं।
दीक्षान्त समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सशस्त्र प्रहरी पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) किरण बस्नेत ने राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमा सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन में सशस्त्र प्रहरी की भूमिका को अत्यंत संवेदनशील बताया। उन्होंने कहा, “प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान, कौशल और अनुशासन को व्यावहारिक जीवन में पूरी निष्ठा के साथ लागू करते हुए देश और जनता की सेवा में समर्पित होना आवश्यक है।”
२०८२ साल मार्गशीर्ष (मंसिर) १९ गते से शुरू हुए दो चरणों के इस आधारभूत प्रशिक्षण में परीक्षार्थियों/प्रशिक्षुओं को शारीरिक सौष्ठव (फिटनेस), हथियार संचालन, ड्रिल (कवाज), युद्धकला, मानचित्र अध्ययन, मानवाधिकार तथा मानवीय कानून, सीमा सुरक्षा एवं सशस्त्र प्रहरी बल से संबंधित विभिन्न अधिनियमों-नियमों के व्यावहारिक और सैद्धांतिक विषयों में दक्ष बनाया गया है।
प्रशिक्षण के मुख्य प्रशिक्षक सशस्त्र प्रहरी अधीक्षक सूर्य प्रसाद तिमिल्सेना के अनुसार प्रशिक्षण में कुल १२६ लोग शामिल हुए थे, जिनमें से १२५ लोगों ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा किया। प्रशिक्षण समाप्ति के बाद प्राप्त अंतिम परिणाम के अनुसार ‘ख’ श्रेणी में ८ लोग, ‘ख’ त्री (थ्री) में १ व्यक्ति, ‘ग’ श्रेणी में २२ लोग, ‘ग’ त्री (थ्री) में ५५ लोग और ‘घ’ त्री (थ्री) में ३९ लोगों सहित कुल १२५ लोगों ने सफलता हासिल की है।
दीक्षान्त समारोह में विभिन्न विधाओं (श्रेणियों) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सशस्त्र प्रहरी जवानों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में व्यावहारिक विधा की ओर से देवान सिंह थापा, सैद्धांतिक तथा ड्रिल (कवाज) विधा में हरिसरा गुरुंग, सहनशीलता (सहिष्णुता) विधा में राज कपूर यादव और चांदमारी (फायरिंग) विधा में समीर परियार शामिल हैं।
कार्यक्रम में जिले के सुरक्षा निकायों के प्रमुखों, पूर्व जनप्रतिनिधियों सहित अन्य हितधारकों (सरोकारवालों) की भी उपस्थिति रही।
