पुरुषोत्तम सुवेदी
पश्चिम नवलपरासी, कात्तिक १ गते।
‘सत्य सेवा सुरक्षणम्’ को मूल मंत्र के साथ जिला पुलिस कार्यालय नवलपरासी (बर्दघाट सुस्ता पश्चिम) ने परासी में आयोजित एक विशेष समारोह के बीच ७१वाँ प्रहरी (पुलिस) दिवस २०८३ विभिन्न कार्यक्रमों के साथ मनाया।
यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक रामबहादुर के.सी. की अध्यक्षता तथा प्रमुख जिला अधिकारी दीपकराज नेपाल के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ।
समारोह को संबोधित करते हुए प्रमुख जिला अधिकारी दीपकराज नेपाल ने कहा कि पुलिस की वर्दी राज्य की उपस्थिति और नागरिकों के भरोसे का केंद्र है। आपदा और कठिन परिस्थितियों में पुलिस द्वारा दिए गए योगदान का उच्च मूल्यांकन करते हुए उन्होंने कहा, “समय की मांग के अनुसार पुलिस सेवा को अधिक संसाधन-संपन्न और पेशेवर बनाना आवश्यक है। आपदा के समय पहली पंक्ति में खड़े होकर काम करने वाले पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाने के लिए सभी क्षेत्रों से सहयोग होना चाहिए।”
कार्यक्रम के अध्यक्ष पुलिस अधीक्षक रामबहादुर के.सी. ने कहा कि अग्रिम पंक्ति में रहकर अदम्य साहस, परिश्रम और नागरिकों के प्रति जिम्मेदारी निभाने वाली संस्था ही पुलिस है। वर्तमान समय में पुलिस संगठन जनप्रिय बनता जा रहा है, यह उल्लेख करते हुए उन्होंने आने वाले दिनों में संगठन को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पुरस्कार और सम्मान
समारोह में भोटेकोशी नदी की बाढ़ से बहकर आए शवों का सुस्ता गाउँपालिका के तटीय क्षेत्रों से कुशलतापूर्वक प्रबंधन करने के लिए इलाका पुलिस कार्यालय बेलाटारी के पुलिस निरीक्षक रेशमलाल पौडेल को पुरस्कृत किया गया। इसके साथ ही, दिवस के अवसर पर आयोजित रक्तदान कार्यक्रम में भाग लेने वाले पुलिसकर्मियों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक दानबहादुर कार्की द्वारा भेजा गया शुभकामना संदेश पढ़कर सुनाया गया। साथ ही अमर (शहीद) पुलिसकर्मियों के परिवारों और पूर्व पुलिस कर्मचारियों के बीच भेंट-मुलाकात तथा विशेष बातचीत कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
समारोह में पुलिस उप-अधीक्षक (डीएसपी) मदन थापा, नेपाल पूर्व प्रहरी संगठन नवलपरासी के अध्यक्ष ओमप्रकाश चौधरी, नेपाल पत्रकार महासंघ नवलपरासी के संस्थापक सदस्य आर.पी. उपाध्याय आदि ने पुलिस द्वारा दिए गए योगदान पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का संचालन पुलिस निरीक्षक लक्ष्मण देवकोटा ने किया था। इस समारोह में जिले के सुरक्षा निकायों के प्रमुखों, सरकारी कार्यालयों के प्रमुखों, अमर पुलिसकर्मियों के परिजनों, पूर्व पुलिसकर्मियों तथा स्थानीय पत्रकारों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
