प्रत्याशियों को बैंक के जरिये करने होंगे 10 हजार से अधिक के लेन-देन, खर्च की अधिकतम सीमा 95 लाख


रतन गुप्ता उप संपादक

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समिति (एमसीएमसी) राजनीतिक विज्ञापनों का पूर्व प्रमाणन, पेड न्यूज निगरानी और रिपोर्टिंग की मॉनिटरिंग करेगी।

यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने सोमवार को राजधानी में अपने कार्यालय में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इसमें भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की विस्तार से जानकारी दी गई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को बताया कि राज्य के लिए विधानसभा निर्वाचन की अधिकतम सीमा 40 लाख रुपये और लोकसभा निर्वाचन की अधिकतम सीमा 95 लाख रूपये निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि प्रत्याशी को 10 हजार से अधिक की सभी प्राप्ति और भुगतान बैंक के माध्यम से किया जाना अनिवार्य है। प्रत्येक प्रत्यशी अपने निर्वाचन व्यय का समुचित लेखा रखे। निर्वाचन खर्च का निरीक्षण अनिवार्य है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अधिसूचना जारी होने के सात दिनों के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी और भारत निर्वाचन आयोग को स्टार प्रचारकों की सूची उपलब्ध कराई जानी है। नेता (स्टार प्रचारक) अगर निर्वाचन क्षेत्र में रैली या बैठक के लिए प्रत्याशी के साथ मच साझा करते हैं, तो बैठक का खर्च उस नेता और ऐसे सभी प्रत्याशियों के निर्वाचन व्यय में बांटा जाएगा। प्रत्याशी रिटर्निंग आफिसर से अनुमति प्राप्त कर वाहनों का चुनाव प्रचार में उपयोग कर सकता है। उन्होंने बताया कि शपथ पत्र में अभ्यर्थी को अपने सोशल मीडिया एकाउंट और ई-मेल आईडी आदि सूचनाओं को देना है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राजनैतिक दलों को रैली, जुलूस और सार्वजनिक बैठकों के लिए संबंधित रिटर्निंग आफिसर से अनुमति लेनी होगी। मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों को लोकसभा सामान्य निर्वाचन की स्थिति में परिणाम की घोषणा के 90 दिनों के भीतर अपने दल का निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित प्रारूप पर भरकर भारत निर्वाचन आयोग के पास और गैर मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों को मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास जमा करना होगा।

पेड न्यूज मामले में कर सकेंगे अपील
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समिति (एमसीएमसी) राजनीतिक विज्ञापनों का पूर्व प्रमाणन, पेड न्यूज निगरानी और रिपोर्टिंग की मॉनिटरिंग करेगी। सभी विज्ञापन एमसीएमसी की ओर से प्रमाणित किए जाने के बाद ही इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर प्रसारित किए जा सकेंगे। नामांकन दाखिल करने की तारीख से पेड न्यूज मामलों को ध्यान में रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश स्तर पर या जिला स्तर पर एमसीएमसी से पेड न्यूज का संदिग्ध प्रकरण की सूचना प्राप्त होने पर रिटर्निंग आफिसर 96 घंटों के भीतर प्रत्याशी को नोटिस जारी करेगा। प्रत्याशी को जवाब देने के लिए 48 घंटों का समय दिया जाएगा। प्रत्याशी जिलास्तर की एमसीएमसी के निर्णय के विरूद्ध 48 घंटे में राज्यस्तरीय एमसीएमसी में अपील कर सकते हैं। प्रदेश स्तर की एमसीएमसी 96 घंटे में निर्णय लेगी और प्रदेश स्तरीय एमसीएमसी के विरुद्ध भारत निर्वाचन आयोग में अपील के लिए 48 घंटे का समय दिया जाएगा। इस मामले में भारत निर्वाचन आयोग का निर्णय अंतिम होगा।

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