500करोड़ की लागत से भारत-नेपाल बॉर्डर सोनौली पर इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट का हो रहा निर्माण, तस्करी पर लगेगी लगाम

 

रतन गुप्ता सोनौली*
सोनौली में भारत-नेपाल सीमा पर इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट का निर्माण हो रहा है. इससे न सिर्फ तस्करी पर लगाम लगेगी बल्कि निगरानी भी सख्त होगी-

सोनौली भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार अब पूरी तरह गंभीर और सक्रिय नजर आ रही है. सीमाई क्षेत्रों में बढ़ती चुनौतियों और सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हाल ही में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई थी. इस बैठक में सीमा सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं आधुनिक बनाने को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए. इसी दिशा में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सोनौली में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट यानी ICP का निर्माण कार्य शुरू किया गया है.जो 60% हो चुका है ।

इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट का होगा निर्माण : करीब 500करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट सीमाई सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती देने वाला माना जा रहा है. इस परियोजना का निर्माण कार्य लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा कराया जा रहा है. जिला प्रशासन की निगरानी में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब निर्माण कार्य ने भी रफ्तार पकड़ ली है. प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह ICP न केवल सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि व्यापार, परिवहन और प्रशासनिक समन्वय के क्षेत्र में भी बड़ी भूमिका निभाएगा.

भारत-नेपाल बॉर्डर पर इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट
”इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट होने के कारण हमारी जितनी भी एजेंसी हैं, कस्टम हैं, डीआरआई है, एसएसबी हो गया, पुलिस हो गया और जिला प्रशासन हो गया इससे सभी को सुविधा होगी. अवैध और मादक पदार्तों के लाने-ले जाने पर भी रोक रहेगी.”-

भारत-नेपाल बॉर्डर पर बढ़ेगी चौकसी: इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट बनने के बाद सीमा से जुड़ी सभी प्रमुख एजेंसियां एक ही परिसर में कार्य करेंगी. यहां कस्टम, इमिग्रेशन, एसएसबी, पुलिस, सुरक्षा जांच, माल जांच, स्वास्थ्य जांच और परिवहन विभाग जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी. इससे अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा और सीमाई गतिविधियों की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी. इस चेकपोस्ट के बन जाने से तस्करी की समस्या बहुत हद तक रूक जाएगी.

तस्करी और गैरकानूनी कार्यों पर लगेगी लगाम : अधिकारियों का मानना है कि ICP के शुरू होने से सीमा पार होने वाली तस्करी, अवैध आवाजाही और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर काफी हद तक नियंत्रण लगाया जा सकेगा. भारत-नेपाल सीमा खुली होने के कारण यहां लगातार लोगों और वाहनों की आवाजाही होती रहती है. ऐसे में आधुनिक तकनीक और केंद्रीकृत व्यवस्था से लैस यह चेक पोस्ट सुरक्षा एजेंसियों के लिए काफी मददगार साबित होगी.

व्यापारियों और व्यापार को भी होगा फायदा : सीमाई क्षेत्र में व्यापार और आवागमन को भी चेकपोस्ट से सीधा लाभ मिलेगा. व्यापारियों को माल की जांच और क्लीयरेंस में आसानी होगी, वहीं यात्रियों को भी एक ही जगह पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी. इससे समय की बचत होगी और सीमा पार गतिविधियां अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सकेंगी. महराजगंज जिला प्रशासन भी इस परियोजना को लेकर लगातार निगरानी बनाए हुए है. अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य को तय समय सीमा के भीतर पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द इस अत्याधुनिक सुविधा का लाभ लोगों और सुरक्षा एजेंसियों को मिल सके

Leave a Reply