
*रतन गुप्ता सोनौली*
लुंबिनी बौद्ध विश्वविद्यालय एवं लाल बहादुर शास्त्री स्मारक पीजी कॉलेज आनंदनगर, महराजगंज के संयुक्त तत्वावधान में शिक्षा साहित्य समाज एवं संस्कृति का वैश्विक विमर्श चुनौतियां अवसर एवं संभावनाएं विषय पर दिनांक 15 एवं 16 जून को अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया है। इस संगोष्ठी में भारत और नेपाल के अलावा थाईलैंड, श्रीलंका, म्यांमार सहित कई बुद्धिस्ट देश के विद्वान अपना विचार व्यक्त करेंगे।
संगोष्ठी की रूपरेखा एवं आयोजन के बारे में बताते हुए लाल बहादुर शास्त्री स्मारक पीजी कॉलेज के प्राचार्य एवं संगोष्ठी के संयोजक डॉ राम पांडे ने कहा कि दोनों देशों के विद्वान इस संगोष्ठी के लिए अपनी सहमति दे चुके हैं।
लुंबिनी बौद्ध विश्वविद्यालय एवं लाल बहादुर शास्त्री स्मारक पीजी कॉलेज के बीच में शैक्षणिक गतिविधियों को साझा करने के लिए सहमति बनी है। इसी सहमति के तहत इस संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है।
संगोष्ठी में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर की कुलपति प्रोफेसर कविता शाह एवं लुंबिनी बौद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर माणिक रत्न शाक्य सहित दोनों विश्वविद्यालयों के आचार्य शोधार्थी शामिल होंगे।
इस अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में शिक्षाविदों को पुरस्कृत भी किया जाएगा और अन्वेषण के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय अन्वेषक गौरव सम्मान, अंतर्राष्ट्रीय ज्ञान गौरव सम्मान एवं अंतर्राष्ट्रीय साहित्य गौरव सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। शोध पत्र पढ़ने वाले शोध छात्रों एवं शिक्षाविदों को ही इस संगोष्ठी में पुरस्कृत किया जाएगा।
इस सेमिनार के लिए एक एडवाइजरी बोर्ड का गठन किया गया है यह बोर्ड भारत और नेपाल के प्रतिष्ठित विद्वानों का है। उन्होंने ही इस सेमिनार की रूपरेखा तैयार की है। दो दिनों तक शिक्षा,समाज, साहित्य एवं संस्कृति के वैश्विक विमर्श पर विभिन्न सत्रों में चर्चा होगी। संगोष्ठी में उद्घाटन एवं समापन सत्रों के अलावा छह तकनीकी सत्र होंगे। जिसमें विद्वान, शोधार्थी एवं शिक्षाविद अपने शोध पत्रों को पढ़ेंगे।
डॉक्टर पांडे ने बताया कि दोनों देशों के बीच के संबंधों को इस संगोष्ठी से बल मिलेगा। संगोष्ठी से जो भी निष्कर्ष निकलेगा उसे दोनों संस्थाओं के द्वारा संयुक्त रूप से प्रकाशित किया जाएगा।
दोनों संस्थाओं के अलावा संगोष्ठी में कालिंदी प्रकाशन समूह भी एक साझेदार के रूप में जुड़ा है। कालिंदी प्रकाशन समूह संगोष्ठी में आए हुए शोध पत्रों को प्रकाशित भी करेगा
