*रतन गुप्ता नौतनवा*
भारत के कोलकाता स्थित नेपाली महावाणिज्यदूतावास ने नेपाल–भारत के बीच व्यापार, पारवहन, निवेश तथा आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “नेपाल के व्यापार, पारवहन तथा निवेश सहजीकरण” विषयक एक चर्चा कार्यक्रम आयोजित किया है।
गत मंगलवार आयोजित इस कार्यक्रम में व्यापार, पारवहन, ढुलाई, संपर्क नेटवर्क तथा निवेश के क्षेत्र में नेपाल–भारत सहयोग को और प्रभावी बनाने के विषय पर चर्चा हुई। महावाणिज्यदूतावास के अनुसार, कार्यक्रम में नेपाल की व्यापार एवं पारवहन संरचना, निवेश की संभावनाएँ तथा नेपाल–भारत आर्थिक सहयोग को सुदृढ़ करने के प्रयासों पर भी विमर्श किया गया।
कार्यक्रम में श्यामाप्रसाद मुखर्जी बन्दरगाह,कोलकाता के अध्यक्ष राजेंद्र रमन सहित वरिष्ठ अधिकारी, कोलकाता कस्टम कार्यालय के प्रतिनिधि, जल परिवहन एवं ढुलाई सेवा प्रदाता, तथा नेपाल कस्टम्स हाउस एजेन्ट्स एसोसिएसन के प्रतिनिधि, आयातक, निर्यातक, निवेशक, नेपाली व्यवसायी, पत्रकार तथा सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों की सहभागिता रही।
इसी प्रकार, श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह, कोलकाता के ट्रैफिक प्रबंधक रविशंकर राजहंस ने बंदरगाह में उपलब्ध सुविधाओं, पूर्वाधार विकास कार्यों तथा नेपाल जाने वाले माल की ढुलाई को सहज बनाने के लिए अपनाए गए उपायों की जानकारी दी।
बैठक में चर्चा हुआ की कोलकाता से बाईं रोड जो जो कन्टेनर भैरहवा नेपाल जाती है उनको रेलवे से नौतनवा तक भेजे जाय । जिसपर सहमती दोनो देशों में बन गया है । जब की नौतनवा रेलवे मालगोदाम पर कन्टेनर याड दो साल से बना हुआ है ।नौतनवा अधिकारीयों को काम चालू होने की उमित बढ़ गयी है । भैरहवा के पुर्व उद्योग बाणिज्य संध के अध्यक्ष बिष्णु शर्मा ने बताया की नौतनवा रेलवे से कन्टेनरो के काम चालू होने से हजारों लोगों के रोजी रोटी चले गी ।और व्यापार बढे गे । समानों पर भाड़ा कम लगे गे ।
कार्यक्रम के प्रतिभागियों ने व्यापार सहजीकरण, सीमा शुल्क समन्वय, ढुलाई प्रबंधन, संपर्क नेटवर्क विस्तार तथा निवेश प्रवर्द्धन के विषय में सुझाव प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों द्वारा उठाए गए प्रश्नों और समस्याओं का उत्तर महावाणिज्यदूत झक्कप्रसाद आचार्य ने दिया। उन्होंने नेपाल–भारत के बीच व्यापार सहजीकरण, संपर्क नेटवर्क विस्तार तथा द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए महावाणिज्यदूतावास की ओर से निरंतर सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
