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डीजल और पेट्रोल संकट: जरूरत मुताबिक नहीं मिल रहा गाड़ियों को तेल, सोनौली ,नौतनवा में कई पंप हुए बंद

*रतन गुप्ता नौतनवा*
सोनौली ,नौतनवा में डीजल और पेट्रोल की किल्लत बनी हुई है. दावा किया गया था कि सोनौली नौतनवा के सभी पट्रोल पंपों से डीजल और पेट्रोल की बराबर आपूर्ति की जाएगी. लेकिन पिछले कुछ दिनों से बस और ट्रक को तय मात्रा में डीजल बेचा जा रहा है.

ट्रकों और बसों को सिर्फ 100 लीटर डीजल
सरकार के निर्णय के तहत 1 ट्रक को केवल 100 लीटर डीजल दिया जा रहा है. ऐसी स्थिति में जैसे इलाकों में जाती है. वहां पहुंचने के लिए एक ट्रक को कम से कम 200लीटर डीजल की जरूरत पड़ती है. जरूरत के हिसाब से डीजल की कमी आज भी महसूस की जा रही है.।

पिछले 15दिनों से सोनौली नौतनवा क्षेत्र में डीजल की किल्लत ट्रक वालों को महसूस हो रही है. जिसकी वजह से ट्रक वाले काफी परेशान हो रहे हैं. पिछले सप्ताह लगभग सभी पेट्रोल पंप ड्राई हो चुके थे. ऐसी स्थिति में ट्रक खड़े हो गए थे.।

लोगों के मन में है इस बात का डर
मन में यह भी डर बना हुआ है कि इस समय किसानों को खेतों में पानी नहीं चल पा रहे हैं जिससे खेती समय पर नहीं हो पाये गी यह डर बना हुआ है ।

*मई के पहले हफ्ते में मन मुताबिक डीजल मिल रहा था*
इसके पहले तक प्रदेश के सभी पेट्रोल पंप में एक ट्रक को जितनी आवश्यकता होती थी उतना डीजल मिल रहा था. भले ही सरकार ने प्रदेश के सभी पेट्रोल पंप में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति का सुचारू संचालन 18मई से कर दिया है. बावजूद इसके बड़ी गाड़ियों में ट्रक और बस को 50 से 100लीटर ही डीजल की आपूर्ति पेट्रोल पंप के द्वारा की जा रही है.

ट्रकों और बसों को सिर्फ 50 लीटर डीजल
सोनौली नौतनवा में तेल की किल्लत का असर
डीजल और पेट्रोल की किल्लत का असर दिखाई पड़ने लगा है. कुछ पेट्रोल पम्प बंद हो चुके हैं तो कुछ में सिर्फ डीजल मिल रहा है. वहीं कुछ पेट्रोल पम्पों में अधिकतम 500 का ही पेट्रोल एक वाहन को दिया जा रहा है. इस पर प्रशासन ने ये कहा की पर्याप्त स्टाक है, कोई कमी नही है. सरकार के जिम्मेदार लोग भी यही आश्वासन दे रहे हैं. लेकिन पेट्रोल पंपों पर लगी लाइन और परेशान लोग इस बात के गवाह हैं कि हालात जरूर खराब हो रहे हैं.

पेट्रोल पम्प की पड़ताल की तो पाया की कई पेट्रोल पम्प बंद हो चुके है. कई पम्प में डीजल तो मिला लेकिन पेट्रोल नही था. एक कुछ पम्प एक वाहन को सिर्फ 5 सौ का ही पेट्रोल दे रहे हैं. लेकिन कुछ पेट्रोल पम्प अभी भी पर्याप्त पेट्रोल और डीजल दे रहे हैं.

नौतनवा से बुटवल जाना है मतलब 60 किलोमीटर की यात्रा 4 सौ के पेट्रोल में तय करना है वो भी परिवार को लेकर भगवान भरोसे. आगे कहीं तेल मिला तो ठीक नहीं तो मुश्किल होगी: नौतनवा गाड़ी मालिक

फिलहाल तो 500 का तेल मिला है. आगे जाना है, अगर आगे तेल मिला तो ठीक नहीं तो आगे की यात्रा को हम कैंसिल कर वापस लौट जाएंगे: गाड़ी मालिक

ग्राहक बनकर जब एक पेट्रोल पम्प में निवेदन किया की हमको इमरजेंसी है और गोरखपुर तक जाना है आप ज्यादा तेल दे दीजिये तो पेट्रोल पम्प के मैनेजर ने बड़ी बात बताई. उसने कहा की वो मजबूर हैं. अगर उन्होंने 5 सौ से अधिक तेल दिया तो उनकी मशीन ऊपर से लाक कर दी जाएगी. मतलब ये निर्देश ऊपर से हैं. अगर आदेश पेट्रोलियम कंपनी का है तो सिस्टम को इसमें दिशा निर्देश जारी करना चाहिए. क्योंकी अगर किसी गंभीर मरीज को निजी वाहन से बाहर ले जाना पड़ा तो पेट्रोल की लेट लतीफी में उसकी जान भी जा सकती है. इसे लेकर प्रशासन की कोई गाइड लाइन नही है. मेडिकल इमरजेंसी के केस में उन्हें या प्रशासन के अन्य लोगो से संपर्क करने पर पेट्रोल की व्यवस्था करा दी जायेगी लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है ।

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