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70 साल पुरानी हिन्दुधर्म गौशाला पर संकट! जीर्णोद्धार और बाउंड्रीवाल निर्माण रुका, नौतनवा चेयरमैन के खिलाफ हिन्दू वादी लोग

*रतन गुप्ता नौतनवा*
*भूमि सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले समिति के लोग,नौतनवा के हिन्दू संगठन चेयरमैन से नाराज़*

नौतनवा। वर्ष 1956 में तत्कालीन टाउन एरिया नौतनवा में स्थापित हिन्दुधर्म गौशाला की सुरक्षा, संरक्षण और विकास को लेकर एक बार फिर मामला चर्चा में है। गौशाला समिति का कहना है कि गौशाला की भूमि की रक्षा के लिए वर्ष 2010 में 11 सदस्यीय समिति का गठन किया गया था, जिसके अध्यक्ष ओमप्रकाश वर्मा हैं। समिति के अनुसार, यह संस्था गोरखपुर स्थित चिटफंड रजिस्ट्रेशन कार्यालय के सरकारी अभिलेखों में पंजीकृत एवं मान्यता प्राप्त है।

समिति का दावा है कि गौशाला की पूरी भूमि का नक्शा वर्ष 1956 में तत्कालीन टाउन एरिया कार्यालय द्वारा स्वीकृत किया गया था। इस मूल अभिलेख पर उस समय के सम्मानित दानदाताओं के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं, जिन्हें समिति गौशाला की वैधानिक पहचान का महत्वपूर्ण दस्तावेज मानती है।

समिति के अनुसार, गौशाला के प्रथम संरक्षक भाई झा के निधन के बाद कुछ असामाजिक तत्वों ने कथित रूप से गौशाला की भूमि पर कब्जे की कोशिशें कीं। हालांकि, स्थानीय गौ-सेवकों और गौशाला प्रेमियों के विरोध के चलते हर बार ऐसे प्रयास विफल हुए और गौशाला की भूमि सुरक्षित बनी रही।

समिति का कहना है कि पूरे मामले की लिखित एवं मौखिक शिकायत उपजिलाधिकारी (एसडीएम), जिलाधिकारी (डीएम), उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी को भी दी जा चुकी है। इसके बावजूद गौशाला के जीर्णोद्धार और बाउंड्रीवाल निर्माण का कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है।

गौशाला समिति ने प्रशासन से मांग की है कि ऐतिहासिक गौशाला की भूमि को पूरी तरह सुरक्षित किया जाए, बाउंड्रीवाल निर्माण कराया जाए तथा लंबित जीर्णोद्धार कार्य जल्द शुरू कराकर गौशाला के संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।इस मामले को लेकर नौतनवा के विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारी चेयरमैन से नाराज़ हैं ।

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