पुरुषोत्तम सुवेदी
काठमाडौँ, असोज १६ गते। राहदानी (पासपोर्ट) की नई प्रणाली लागू होने के बाद राहदानी विभाग द्वारा देशभर में अपनी सेवा प्रवाह को तकनीक-मैत्री (प्रौद्योगिकी-अनुकूल), व्यवस्थित और बाधा-मुक्त बनाए जाने से पासपोर्ट बनवाने वाले सेवाग्राहियों ने राहत महसूस की है। अतीत में पासपोर्ट प्राप्त करने या आवेदन भरने के लिए विभिन्न प्रकार की मजबूरियों और कष्टों का सामना कर रहे नागरिकों के लिए वर्तमान में सुधारी गई प्रणाली ने उल्लेखनीय सहजता प्रदान की है।
राहदानी विभाग, विभाग सहित देशभर के 77 जिलों तथा 24 इलाका प्रशासन कार्यालयों और विदेशों में स्थित 39 कूटनीतिक नियोगों के माध्यम से पासपोर्ट के लिए आवेदन लेने और पासपोर्ट वितरण करने का कार्य कर रहा है। सेवा प्रणाली में किए गए इस सुधार से आगामी दिनों में और अधिक द्रुत और प्रभावशाली सेवा प्रवाह होने का विश्वास विभाग ने व्यक्त किया है।
राहदानी नियमावली, 2077 में संशोधन के पश्चात 2083 साउन 14 गते के बाद किसी भी जिला प्रशासन कार्यालय से नागरिकता प्राप्त नागरिक किसी भी जिला/इलाका प्रशासन कार्यालय के माध्यम से पासपोर्ट सेवा ले सकेंगे, ऐसी व्यवस्था की गई है।

पासपोर्ट बनवाने के लिए नागरिक किसी भी जिले से आवेदन कर सकने के प्रावधान के कारण अब वे जहां रह रहे हैं/बस रहे हैं, उसी जिला / इलाका प्रशासन कार्यालय से पासपोर्ट बनवा सकते हैं। इस व्यवस्था के कारण अत्यंत जरूरी / आपातकालीन स्थिति के बिना राहदानी विभाग आने की मजबूरी समाप्त हो गई है।
विभाग द्वारा कूटनीतिक, सरकारी (ऑफिशियल), साधारण (34 और 66 पृष्ठ), सर्विस, सीमैन तथा शरणार्थियों के लिए ट्रैवल डॉक्यूमेंट सहित 6 प्रकार के पासपोर्ट अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के उच्च मानदंडों के अनुसार वितरित किए जा रहे हैं।
वर्तमान में जिला तथा इलाका प्रशासन कार्यालयों से आवेदन देने वाले सेवाग्राहियों को आवेदन दिए गए दिन से न्यूनतम 10 से 30 दिनों के भीतर और अति-आवश्यक मामलों में विभाग से आवेदन दिए जाने पर 2 कार्यदिवसों के भीतर ही पासपोर्ट तैयार कर वितरित किया जा रहा है।
राहदानी विभाग और डाक सेवा विभाग के बीच पासपोर्ट परिवहन समझौता हुआ है, जिसके तहत 77 जिलों तथा 24 इलाका प्रशासन कार्यालयों में छपे हुए तैयार पासपोर्ट समय पर भेजे जाते हैं, जिससे सेवा प्रवाह में चुस्ती आई है।
सार्वजनिक छुट्टियों के दिनों में भी सेवा, ऑनलाइन अपॉइंटमेंट प्रणाली
राहदानी विभाग के निदेशक एवं प्रवक्ता दीपक बंजाडे के अनुसार, नागरिकों को बिना किसी परेशानी के सहज रूप से सेवा देने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है। “हम विभाग सहित देशभर के जिला व इलाका प्रशासन कार्यालयों तथा विदेशों में स्थित नेपाली दूतावासों/कूटनीतिक नियोगों के माध्यम से पासपोर्ट के लिए आवेदन लेने और पासपोर्ट वितरण का कार्य कर रहे हैं। विशेष रूप से विभाग में अन्य सार्वजनिक छुट्टियों के दिनों में भी सेवा संचालित कर सेवाग्राहियों के दबाव को कम किया गया है। वर्तमान में विभाग में दैनिक 1,500 से अधिक ऑनलाइन अपॉइंटमेंट स्लॉट खोलकर आवेदन लेने और 1,500 से अधिक वितरण के कार्य को तीव्र किया गया है,” प्रवक्ता बंजाडे ने बताया।

विभाग ने तत्काल आवश्यकता वाले सेवाग्राहियों के लिए इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट प्रणाली को चुस्त बनाते हुए ऑनलाइन फॉर्म भरने की अपॉइंटमेंट प्रणाली को अधिक पारदर्शी और तकनीक-मैत्री बनाया है। पासपोर्ट सेवा को सरकार द्वारा अत्यावश्यक सेवा के रूप में वर्गीकृत किए जाने के कारण शनिवार और रविवार के अलावा अन्य सार्वजनिक छुट्टियों तथा पर्व/दिवसों के दिनों में भी विभाग का कार्यालय खुला रखकर सेवा प्रवाह किया जा रहा है।
विभाग के आंतरिक प्रबंधन और जनशक्ति परिचालन के बारे में प्रशासन प्रमुख आनंद चुवाई ने कहा, “हमने पासपोर्ट सेवा को तकनीक-मैत्री, बाधा-मुक्त और पूर्णतः पारदर्शी बनाने के लिए शुरुआत से लेकर अंतिम चरण तक की प्रक्रियाओं को व्यवस्थित किया है। राहदानी विभाग त्रिपुरेश्वर, देशभर के जिला व इलाका प्रशासन कार्यालयों तथा विदेशों में स्थित नेपाली दूतावासों या कूटनीतिक नियोगों, किसी भी स्थान से आवेदन देने पर प्रक्रिया को चुस्त बनाया गया है।”
उन्होंने विभाग में भौतिक उपस्थिति और लाइन प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार आने की बात कही। “पहले की तरह सुबह से ही लंबी लाइन में बैठने की स्थिति अब समाप्त हो गई है। पासपोर्ट अपॉइंटमेंट के अनुसार निर्धारित समय पर आने वाले सेवाग्राही तय समय में ही फॉर्म जमा करने और बायोमेट्रिक देने का काम पूरा कर लेते हैं। कर्मचारियों को सुविधा प्रदान करने के लिए पारदर्शी तरीके से तैनात किया गया है,” प्रशासन प्रमुख चुवाई ने कहा।
विभाग की सुधारी गई सेवा के बारे में पासपोर्ट लेने त्रिपुरेश्वर पहुंचीं कास्की पोखरा की पार्वती कुमारी शर्मा पौडेल ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “पहले मैंने सुना था कि पासपोर्ट बनवाने के लिए लंबी लाइन में बैठना पड़ता है और बिचौलियों को पैसे दिए बिना काम नहीं होता। लेकिन आज खुद आने पर निर्धारित समय में ही काम पूरा हो गया। बिना किसी सिफारिश या परेशानी के आसानी से बायोमेट्रिक देकर लौटने पर मुझे बहुत खुशी हो रही है। विभाग का यह सुधार वास्तव में सराहनीय है।”
नागरिक बडापत्र (सिटीजन चार्टर), नागरिक सहायता कक्ष, कॉल सेंटर तथा शिकायत कक्ष सेवा
सेवाग्राहियों की अधिक सहायता के लिए विभाग ने अपने परिसर में नागरिक सहायता कक्ष संचालित किया है, जहां से अशक्त, वरिष्ठ नागरिकों तथा प्रौद्योगिकी तक कम पहुंच रखने वाले सेवाग्राहियों को प्रत्यक्ष रूप से सहायता प्रदान की जाती है। इसी प्रकार, पासपोर्ट से संबंधित किसी भी जिज्ञासा, शिकायत या जानकारी के लिए कॉल सेंटर की व्यवस्था भी की गई है, जिससे नागरिक घर बैठे ही टेलीफोन के माध्यम से आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। नागरिक बडापत्र के माध्यम से पासपोर्ट संबंधी सेवा कैसे ली जा सकती है, इसकी जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा, राहदानी विभाग अपनी वेबसाइट तथा फेसबुक पेज के माध्यम से पासपोर्ट संबंधी सूचनाएं निरंतर प्रसारित कर रहा है।

‘पासपोर्ट घर-दैलो’ (घर-घर पासपोर्ट) कार्यक्रम
साथ ही, देशभर के जिला तथा इलाका प्रशासन कार्यालयों से आवेदन करने वाले सेवाग्राहियों को पासपोर्ट लेने के लिए पुनः कार्यालय तक जाने की मजबूरी को समाप्त करते हुए ‘पासपोर्ट घर-दैलो’ कार्यक्रम के अंतर्गत डाक सेवा के माध्यम से सीधे सेवाग्राही के घर-घर तक पासपोर्ट पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई है। इससे पासपोर्ट लेने के लिए दोबारा कार्यालय में लाइन में खड़े होने या दूर से कार्यालय तक आने-जाने का झंझट समाप्त हो गया है।
नई प्रणाली लागू होने के बाद 1 लाख 66 हजार से अधिक पासपोर्ट वितरित
नेपाल सरकार ने 2083 साल असार 29 गते से नई पासपोर्ट प्रणाली लागू की है। अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के मानदंडों के अनुसार नई प्रणाली के संचालन के लिए दो जर्मन कंपनियों ‘मूलवर’ और ‘वेरिडोस’ को ठेका मिला है।
समझौते के अनुसार, मूलवर सॉफ्टवेयर और आईटी सेवाएं प्रदान कर रही है, जबकि वेरिडोस प्रिंटिंग (छपाई) से संबंधित कार्य कर रही है। आगामी 5 वर्षों के पासपोर्ट प्रिंटिंग के लिए यह समझौता किया गया है। पासपोर्ट की गुणवत्ता तथा मानदंडों के संबंध में ICAO द्वारा राहदानी विभाग का ऑडिट भी किया गया और पासपोर्ट तथा इसकी आंतरिक प्रक्रियाओं व तकनीकी पक्षों के मानदंड के अनुसार होने की ICAO द्वारा पुष्टि की गई है।
महत्वपूर्ण पक्षों में सुधार की अतिरिक्त आवश्यकता
पासपोर्ट सेवा प्रवाह में सुधार आने के बावजूद सेवा को और अधिक चुस्त, प्रभावकारी और सर्वसुलभ बनाने के लिए आने वाले दिनों में कुछ महत्वपूर्ण पक्षों में सुधार की आवश्यकता देखी गई है।
वर्तमान में विभाग द्वारा दैनिक लगभग 1,500 की संख्या में ही ऑनलाइन अपॉइंटमेंट स्लॉट दिए जा रहे हैं, जिसे सेवाग्राहियों के अत्यधिक दबाव को ध्यान में रखते हुए बढ़ाने की आवश्यकता दिखती है। इसी प्रकार, आवश्यक जनशक्ति जोड़कर जिला तथा इलाका प्रशासन कार्यालयों से आवेदन देने वाले सेवाग्राहियों के पासपोर्ट तैयार होने में लगने वाले वर्तमान 10 से 30 दिनों के समय को और कम करके द्रुत सेवा देने की आवश्यकता है। वहीं, तकनीक की पहुंच से बाहर के साधारण नागरिकों तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए सेवाग्राही सहायता कक्ष से प्रत्यक्ष सहायता लेने वालों की संख्या और इसकी उपयोगिता को और बढ़ाने की आवश्यकता दिखती है।
नई प्रणाली लागू होने के बाद से अब तक विभाग, जिला व इलाका प्रशासन कार्यालयों और कूटनीतिक नियोगों के माध्यम से कुल 1,66,964 पासपोर्ट छपकर वितरण प्रक्रिया में हैं। वर्तमान में विभाग में कुल 112 कर्मचारी दैनिक 3,000 सेवाग्राहियों को पासपोर्ट सेवा दे रहे हैं। राहदानी विभाग ISO प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाला पहला सरकारी निकाय है, जो प्रभावकारी सेवा प्रवाह के माध्यम से निरंतर सुशासन को उत्कृष्ट साबित कर रहा है।
