सशस्त्र पुलिस द्वारा जगह-जगह पारंपरिक बाँस के झूले (लिंगे पिंग) का निर्माण

 

पुरुषोत्तम सुवेदी

पश्चिम नवलपरासी, कातिक २ गते। सशस्त्र पुलिस बल, नेपाल सीमा सुरक्षा प्रशिक्षण अकादमी बर्दाघाट, पश्चिम नवलपरासी ने स्थानीय समुदाय के साथ संबंधों को मजबूत करने और दशहरा-दिवाली की रौनक बढ़ाने के लिए जगह-जगह पारंपरिक बाँस के झूले (लिंगे पिंग) का निर्माण किया है।

 

अकादमी की टीम ने बर्दाघाट नगरपालिका वार्ड नं. ४ स्थित नगरपालिका टोल और बाढ़ पीड़ित टोल के बच्चों तथा स्थानीय निवासियों के लिए झूले का निर्माण कराया है।

अकादमी के प्रमुख एवं सशस्त्र पुलिस वरिष्ठ अधीक्षक सुधीर सुवेदी के अनुसार, नागरिकों और पुलिस के बीच सामाजिक एवं भावनात्मक संबंधों को अधिक गहरा बनाने के साथ-साथ हमारी मौलिक संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के उद्देश्य से यह झूला लगाया गया है। उन्होंने बताया कि सीमा सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा की जिम्मेदारी के साथ-साथ समुदाय के सुख-दुख में कंधे से कंधा मिलाकर चलना सशस्त्र पुलिस की प्राथमिकता है।

दिन-रात ड्यूटी में तैनात रहने वाले सुरक्षाकर्मियों को खुद टोल (मोहल्ले) में आकर झूला बनाते देख विशेषकर बच्चे, युवा तथा बाढ़ पीड़ित क्षेत्र के निवासी बेहद उत्साहित हैं। अपने ही टोल में झूला तैयार होने के बाद स्थानीय निवासियों ने सशस्त्र पुलिस बल नेपाल और सीमा सुरक्षा प्रशिक्षण अकादमी के प्रति आभार व्यक्त किया है।

 

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